अलीगढ़ नगर निगम में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र के मामले में पुलिस ने जन सेवा केंद्र संचालक व एक एजेंट को हिरासत में लिया है। नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा के निर्देश पर की गई कार्रवाई में फर्जीवाड़ा का खुलासा हुआ है। आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
31 जनवरी को नगर निगम सेवा भवन में जनसुनवाई के दौरान जन्म-मृत्यु काउंटर पर प्राप्त सूचना के आधार पर दो जन्म प्रमाण पत्रों की सत्यता संदिग्ध पाई गई। नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा के निर्देश पर जोनल अधिकारी एवं सहायक नगर आयुक्त वीर सिंह ने जांच कराई। आधिकारिक पोर्टल पर मिलान करने पर दोनों प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए।
नगर आयुक्त ने कहा कि शिकायतकर्ता द्वारा बताया गया कि प्रमाण पत्र बनवाने के लिए 1600 रुपये दिए गए थे। जांच में यह भी सामने आया कि प्रमाण पत्र जन सेवा केंद्र के माध्यम से बनवाए गए थे। सूचना मिलते ही नगर निगम प्रवर्तन दल ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से जमालपुर पुलिस चौकी क्षेत्र में जन सेवा केंद्र संचालक आसिफ और एजेंट असलम को हिरासत में ले लिया। आरोपियों से पूछताछ जारी है।
नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने कहा कि जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र सहित सरकारी दस्तावेजों के साथ किसी भी प्रकार का फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि प्रमाण पत्र केवल अधिकृत माध्यमों से ही बनवाएं और किसी भी अनधिकृत एजेंट के झांसे में न आएं।
