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अलीगढ़ महानगर के फूल चौराहे पर दो युवतियों द्वारा धार्मिक व फलस्तीन के समर्थन में नारेबाजी के मामले में न्यायालय से उन्हें जमानत दे दी गई। दर्ज मुकदमे के आधार पर पुलिस ने 10 नवंबर दोपहर उन्हें मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया। मगर, मुकदमा सात वर्ष से कम सजा का होने के चलते रिमांड मंजूर नहीं हो सकी। इधर, जांच में उजागर हुआ है कि दोनों एएमयू की पूर्व छात्राएं हैं।
9 नवंबर को हुए घटनाक्रम के बाद दोनों को हिरासत में लेकर मुकदमा दर्ज किया गया था और मेडिकल परीक्षण कराया गया। 10 नवंबर दोपहर उन्हें मजिस्ट्रेट के यहां पेश किया गया। मगर, रिमांड मंजूर न होने पर दोनों को जमानत दे दी। पुलिस ने दोनों युवतियों को 41 ए का नोटिस तामील कराया।
दोनों एएमयू की पूर्व छात्राएं हैं। उन्होंने एएमयू से बीए की पढ़ाई की है। एक के पिता कांट्रेक्टर, तो दूसरे के पिता स्टोर संचालक है। जमानत पर रिहा करते समय पुलिस ने दोनों के अभिभावकों को बुलाकर उन्हें हिदायत दी। बता दें कि इन दोनों ने पहले सराफा बाजार में हरकत की। वहां से थाने ले जाने पर हंगामा किया था। एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक के अनुसार दोनों को नोटिस के आधार पर जमानत दी गई है।
