
दोषी को 10 साल की जेल (सांकेतिक तस्वीर)
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अलीगढ़ महानगर के सिविल लाइंस के एएमयू तार बंगला इलाके में महिला की दहेज के लिए हत्या के दोषी पति को दस वर्ष कैद की सजा सुनाई गई है। यह फैसला सत्र न्यायाधीश डा.बब्बू सारंग की अदालत से सुनाया गया है। खास बात है कि अदालत में सभी गवाह पक्षद्रोही हो गए। मगर साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने फैसला सुनाया है।
अभियोजन अधिवक्ता डीजीसी फौजदारी चौ.जितेंद्र सिंह के अनुसार घटना अगस्त 2020 की है। वादिया मुन्नी निवासी जीवनगढ़ क्वार्सी ने सिविल लाइंस में मुकदमा दर्ज कराया कि उन्होंने अपनी बेटी नाजिया की शादी मार्च 2020 में तार बंगला एएमयू सिविल लाइंस के महफूज संग की थी। शादी के बाद से ही उसे दहेज में बाइक की खातिर तंग किया जाने लगा। घटना से एक दिन पहले बेटी का मां के पास फोन आया कि उसे बचा लो, वरना ये लोग मार देंगे।
इस पर अगले दिन देर शाम मां उसके घर पहुंची तो बेटी का शव बेड पर पड़ा मिला। इस सूचना पर पुलिस पहुंची और पोस्टमार्टम आदि की प्रक्रिया हुई। पोस्टमार्टम में गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई। मामले में चार्जशीट के आधार पर सत्र परीक्षण हुआ। जिसमें परिवार के गवाह पक्षद्रोही हो गए। मगर साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने महफूज को दोषी करार देकर 10 वर्ष कैद व 15 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है।
