अलीगढ़ के तस्वीर महल प्रकरण में 24 फरवरी को नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा का घेराव कर अभद्रता का मुद्दा लगातार तूल पकड़ रहा है। अब इस मामले में सपा नेता अज्जू इश्हाक, प्रशांत वाल्मीकि व कांग्रेस नेता आगा यूनुस सहित अन्य अज्ञात लोगों पर सिविल लाइंस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। नगर आयुक्त की सुरक्षा टीम में शामिल पूर्व सैनिक की तहरीर पर यह रिपोर्ट दंगा भड़काने, सरकारी कार्य में बाधा व हमले संबंधी धाराओं सहित दस धाराओं मेंं की गई है। जिसमें अब पुलिस साक्ष्य संकलन व सीसीटीवी जांच कर रही है। उसी आधार पर गिरफ्तारी आदि तय की जाएगी।
यह रिपोर्ट प्रवर्तन टीम के सदस्य व नगर आयुक्त की सुरक्षा में शामिल किशोर कुमार शर्मा की ओर से कराई गई है। जिसमें उल्लेख है कि सोमवार को तस्वीर महल पर हुए घटनाक्रम में प्रवर्तन टीम की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसके बाद मंगलवार दोपहर नगर आयुक्त अपने नगर निगम स्थित कार्यालय में बैठे थे। तभी बिना किसी पूर्व सूचना के विभिन्न राजनीतिक दलों के लोग हाथों में हथियार आदि से लैस होकर उनके कक्ष में घुस गए। जिसमें सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष व कोल से चुनाव लड़ चुके अज्जू इश्हाक, कांग्रेस नेता आगा यूनुस, सपा नेता प्रशांत वाल्मीकि आदि सैकड़ों कार्यकर्ताओं संग उनके कार्यालय में जबरन घुसे। अंदर घुसकर वे नारेबाजी, अश्लील शब्दों का प्रयोग व गाली गलौज करते हुए जोर-जोर से चिल्लाने लगे। जबकि उस समय वहां महिलाएं बैठी थीं।
नगर आयुक्त ने उन्हें शांति से बैठकर समझाने का प्रयास किया। मगर भीड़ ने नगर आयुक्त को घेर लिया व अज्जू इश्हाक ने नगर आयुक्त को गालियां देते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दी। यह कहा कि आज अपने कार्यालय में बैठा है, जब सड़क पर होगा तब देख लूंगा। अज्जू के इशारे पर लोगों ने कुर्सी उठाकर मारने के नीयत से नगर आयुक्त पर फेंकनी चाही। मगर स्टाफ ने किसी तरह उसे पकड़कर बचा लिया। फिर अज्जू ने उग्र होकर नगर आयुक्त से कहा कि तुमने किस अधिकार से तस्वीर महल से ढकेल हटवाईं।