
एफआईआर।
– फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
अलीगढ़ के रामघाट रोड इलाके के प्रख्यात बाल रोग विशेषज्ञ डा.वाईके द्विवेदी के क्लीनिक पर उपचार के दौरान बच्चे की मौत के मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। यह मुकदमा डॉक्टर व कंपाउंडर पर दर्ज किया गया है। इस मुकदमे में कंपाउंडर पर खुद डॉक्टर बनकर उपचार करने, गैर इरादतन हत्या व डॉक्टर पर साजिश का आरोप है। इधर, 5 नवंबर को बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। मगर पोस्टमार्टम में तस्वीर साफ न होने पर विसरा प्रिजर्व किया गया है।
सुरेंद्र नगर निवासी लोकेश राजपूत गांधी आई अस्पताल के सामने कपड़े की दुकान पर काम करते हैं। उनके तीन बच्चों में दो बेटियों के बाद पांच माह का बेटा देवांश था। शुक्रवार को उसे दस्त हुए थे। इस पर उनकी पत्नी किरन बच्चे को रामघाट रोड एसएमवी मार्केट स्थित बाल रोग विशेषज्ञ डा.वाईके द्विवेदी के क्लीनिक से दवा लेने गईं। डाक्टर की गैरमौजूदगी में कंपाउंर ने सुबह व फिर शाम को भी दवा दी। रात में बच्चा ठीक हो गया। मगर शनिवार सुबह उसे बुखार आ गया। इस पर किरन बच्चे को लेकर फिर वहां पहुंचीं। आरोप है कि उसे इंजेक्शन लगाकर घर भेज दिया।
मगर उसके बाद उसकी तबियत बिगड़ी रही। शाम करीब सात बजे फिर बच्चे को वहां ले जाया गया। जहां से दूसरे डॉक्टर के पास जाते समय बच्चे की मौत हो गई। इस मामले में पिता की तहरीर पर आरोप लगाया है कि कंपाउंडर जसवंत बघेल ने डॉक्टर की गैर मौजूदगी में खुद को डॉक्टर बताकर उपचार किया। जिससे बच्चे की मौत हो गई। वहीं ये सब डॉक्टर वाईके द्विवेदी के इशारे पर किया है।
इस पर पुलिस ने गैर इरादतन हत्या, धोखाधड़ी व साजिश की धारा में मुकदमा दर्ज किया है। वहीं इस मामले में मौके से हिरासत में लिए गए दोनों को शांति भंग में पाबंद किया है। वहीं पोस्टमार्टम में कारण उजागर न होने पर विसरा पिजर्व किया गया है। वहीं एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक के अनुसार मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। बाकी तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
