
सेंट्रल बैंक
– फोटो : Central Bank
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बैंक मित्र सौरभ व बैंक प्रबंधक अमरजीत के गायब होने के बाद से पुलिस टीमें उन दोनों की तलाश में जुटी हैं। इस दौरान उजागर हुआ है कि उसने दो दिन पहले ही खुद के गायब होने के संकेत अपनी सोशल मीडिया आईडी पर दे दिए थे। साथ में यह भी साफ हुआ है कि उसके द्वारा महंगे शौक और विदेश यात्रा तक पर रुपये खर्च किए जा रहे थे। सौरभ ने सोशल मीडिया अकाउंट से दो दिन पहले आई एम क्विट लिखकर पोस्ट शेयर की थी।
पुलिस जांच में सामने आया है कि बैंक प्रबंधक अमर जीत परिवार के साथ क्वार्सी बाईपास की सहार देहली रेजीडेंसी में रहता था। बिहार के वैशाली के अमरजीत के फ्लैट पर शुक्रवार को ताला लटका हुआ था। पड़ोसियों के स्तर से उसके विषय में कोई जानकारी नहीं हुई। वहीं सौरभ के विषय में पता चला है कि वह आईपीएल व क्रिकेट का शौकीन था।
उसने अपने लिए एएस ग्रुप नाम से एक टीम भी बना रखी थी। उसने कई विभागों के साथ अपनी टीम से मैच खेला था। उसे महंगे शौक थे। वह महंगी गाड़ी, सोना, मोबाइल खरीदने के अलावा पार्टियों का भी शौकीन था। उसके विषय में पुलिस जांच में पता चला कि उसके पिता फल की ढकेल लगाता है। तीन भाइयों में खुद सौरभ बाबूलाल जैन इंटर कालेज का छात्र रहा। फिर वार्ष्णेय कालेज से पढ़ाई की। उसने फेसबुक पर अपने विषय में विदेश यात्रा तक के फोटो डाल रखे हैं।
पिछले कुछ दिन में उसने महंगी गाड़ी, सोना, मोबाइल आदि खरीदे हैं। उस पर अचानक इतना धन कहां से आया, ये सवाल है। उसका एक भाई परचून की दुकान करता है। जांच में यह भी सामने आया है कि उसने व्यापारी व नौकरीपेशा वर्ग को लक्ष्य बनाया है। खुद एक वर्ष से ही बैंक से जुड़ा है। हालांकि बैंक ने उसे बैंक मित्र होने से नकार दिया है।