अलीगढ़ में मीनाक्षी पुल के नीचे स्थित 100 वर्ष पुरानी राम देवी धर्मशाला गिरासू भवन घोषित है। 2 जनवरी को इसको गिराने पहुंची अफसरों की टीम का जबरदस्त विरोध हुआ। महिलाओं ने सर्विस रोड पर बैठकर विरोध-प्रदर्शन किया। नोकझोंक के साथ दो घंटे तक हंगामा चला। लोगों ने सर्दी और हाईकोर्ट में दायर रिट की सुनवाई का हवाला देते हुए समय मांगा। इस पर अफसरों की टीम उन्हें 12 जनवरी तक धर्मशाला खाली करने की हिदायत देकर लौट गई।
शहर के मीनाक्षी पुल के नीचे अभिनेता भारत भूषण के परिवार की 100 साल पुरानी राम देवी धर्मशाला है। इस धर्मशाला में देश के विभाजन के समय से लगभग 40 परिवार किराये पर रह रहे हैं। इसी धर्मशाला में इन परिवारों ने अपनी तीन पीढ़ी का वक्त गुजारा है। धर्मशाला में बाहर की ओर करीब 12 दुकानें भी किराये पर उठीं हैं। नगर निगम ने इस धर्मशाला को जर्जर घोषित कर धारा 325 के तहत 10 अक्तूबर 2024 को पहला नोटिस जारी किया था। जर्जर घोषित होने के बावजूद परिवार इसमें रह रहे थे। इसको लेकर कई बार हंगामा हो चुका है। 4 नवंबर 2025 को सुरेंद्र कुमार जिंदल ने हाईकोर्ट में आदेश का पालन न होने की याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने 24 दिसंबर 2025 को सुनवाई करते हुए डीएम, नगर आयुक्त और एसएसपी को आदेश का पालन कर 12 जनवरी 2026 तक आख्या प्रस्तुत करने का आदेश दिया।
आदेश मिलते ही 2 जनवरी को एसीएम द्वितीय दिग्विजय सिंह, सहायक नगर आयुक्त वीर सिंह, सीओ, क्वार्सी और सिविल लाइन पुलिस फोर्स व पीएसी की टीम सुबह 11 बजे धर्मशाला पर पहुंच गई। टीम को देखते ही महिलाएं नारेबाजी करते हुए बाहर सड़क पर आकर बैठ गई। भीषण ठंड में करीब एक घंटे तक सड़क पर बैठ कर महिलाओं ने टीम के वापस जाने के लिए नारे लगाए। कहा कि कई साल से उनके परिवार यहां रह रहे हैं। अब कुनबा नहीं उजड़ने देंगे। अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, मगर वह नहीं माने।
