
इलाहाबाद विश्वविद्यालय।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय में योग पर पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स शुरू होगा। योगिक साइंस नाम से यह पाठ्यक्रम दर्शनशास्त्र विभाग के अंतर्गत चलाया जाएगा। इसका कोर्स तैयार कर लिया गया है और शैक्षणिक सत्र 2025-26 से इसमें प्रवेश लिए जाने की तैयारी है।
कुलपति ने प्रोफेसर संगीता श्रीवास्तव ने शुक्रवार को विश्वविद्यालय में शुरू होने वाले डिग्री, डिप्लोमा तथा सर्टिफिकेट कोर्सेज के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसी क्रम में प्रेसवार्ता में मौजूद दर्शनशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर ऋषिकांत पांडेय ने बताया कि योगिक साइंस इंटीग्रेटेड कोर्स के तहत स्नातक के बाद परास्नातक की डिग्री दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति के तहत तैयार इस कोर्स के तहत एक साल की पढ़ाई करने पर सर्टिफिके, दो वर्ष डिप्लोमा तथा तीन वर्ष पर स्नातक की डिग्री प्रदान की जाएगी। चार वर्ष पूरे करने पर ऑनर्स की डिग्री मिलेगी। वहीं पांच साल की पढ़ाई पूरी करने पर परास्नातक की डिग्री मिलेगी। प्रोफेसर पांडेय ने बताया कि इसका मकसद योग के अलग-अलग पहलुओं पर शोध कार्यक्रमों को बढ़ावा देना भी है। उन्होंने बताया कि योगा थेरेपिस्ट, योगा रिसर्चर, योग प्रशिक्षक, स्वास्थ्य सलाहकार, योग पर आधारित कार्यक्रमों के लिए बतौर आयोजक समेत कई क्षेत्रों में रोजगार की ढेरों संभावनाएं हैं।
