Sakhi kept waiting for the honorarium, the responsible people divided

बैंक सखी – file Photo
– फोटो : amar ujala

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जहां एक ओर प्रदेश के मुख्यमंत्री ग्रामीण आंचल में डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने पर जोर दे रहे है और बीसी सखी के माध्यम से कार्यक्रम आयोजित करा रहे है, वहीं अब जिम्मेदारों द्वारा बीसी सखी कार्यक्रम में लाखों का घपला करने का मामला प्रकाश में आया है। शिकायत प्राप्त होते ही आयुक्त स्वत: रोजगार एनआरएलएम ने जांच बैठा दी है।

ग्रामीण इलाकों में ऑनलाइन बैंकिंग सेवाएं मुहैया करने के लिए बैंकिंग कोरेस्पोंडेंट यानी बीसी सखियों की तैनाती गांवों में की गई है। ये गांव वालों को उनके बिजली के बिल उपलब्ध कराने एवं इनका भुगतान कराने में अहम भूमिका निभा रही हैं।

इसी को देखते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री ने सभी जनपदों मेें ग्रामीण आंचल में बीसी सखी कार्यक्रम के तहत लोगों को डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए कार्यक्रम कर प्रत्येक बीसी सखी के खाते में 16300 धनराशि भेजने के लिए निर्देशित किया था।



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