
Amausi Airport
– फोटो : अमर उजाला
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अमौसी एयरपोर्ट के नए टर्मिनल पर घरेलू व अंतर्राष्ट्रीय विमानों की शिफ्टिंग के बाद अब एयरपोर्ट प्रशासन का पूरा फोकस रनवे की लम्बाई बढ़ाने पर है। 27 सौ मीटर लम्बे रनवे की लम्बाई पांच सौ मीटर और बढ़ाई जाएगी। इससे बड़े जहाजों को उतारने में आसनी होगी तथा लखनऊ से यूरोप व अमरीका के लिए उड़ानों को शुरू किया जा सकेगा।
चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट उत्तर भारत का प्रमुख हवाई अड्डा बनकर उभरा है। एयरपोर्ट पर हाल ही में नया टर्मिनल टी-थ्री बनकर तैयार हुआ है, जिस पर घरेलू व अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों को शिफ्ट किया जा चुका है। इससे यात्रियों को खासी राहत हो जाएगी। इसी क्रम में अब एयरपोर्ट के रनवे को लम्बा करने की तैयारी है। दरअसल, वर्ष 2012 में एयरपोर्ट के रनवे की लम्बाई बढ़ाने का खाका तैयार किया। लेकिन केंद्र व राज्य सरकारों की आपसी तनातनी के बीच यह काम अटक गया। पर, अब रनवे विस्तार की फाइल को गति मिल रही है। सूत्र बताते हैं कि रनवे लम्बाई बढ़ाने को लेकर कई चरणों में वार्ता हो चुकी है, लेकिन फाइल अटकी ही रही। निजी हाथों में जाने के बाद इसमें तेजी आई है। फ्लाइटों की शिफ्टिंग के बाद रनवे की लम्बाई बढ़ाने पर फोकस किया जा रहा है।
यूरोप, अमरीका की उड़ानें होंगी शुरू
अमौसी एयरपोर्ट की वर्तमान लम्बाई 27 सौ मीटर है, जबकि इसकी लम्बाई पांच सौ मीटर बढ़ाकर 33 सौ मीटर करने की योजना है। लम्बाई बढ़ने के बाद जम्बो जेट को यहां उतारा जा सकेगा। यूरोप व अमरीका की उड़ानों को शुरू किया जा सकेगा, जबकि अभी लखनऊ से दिल्ली व मुम्बई आदि जगह जाने के बाद यूरोप, अमरीका की फ्लाइटें मिलती हैं।
डबल रनवे भी बनेगा!
दिल्ली व मुम्बई में दो-दो रनवे हैं। जिनकी लम्बाई 4000 मीटर से अधिक है। चूंकि अमौसी एयरपोर्ट पर एक और टर्मिनल टी-4 को बनाने के लिए पर्यावरण क्लीयरेंस लिया जा चुका है। इसलिए इसका निर्माण भी पाइपलाइन में है। लिहाजा विमान व यात्रियों की संख्या बढ़ने पर रनवे की आवश्यकता भी बढ़ेगी, जिसके लिए डबल रनवे पर भी मंथन किया जा रहा है।
