Ambedkar Nagar: Case of physical abuse turned out to be fake, student had sent email pretending to be a studen

रैगिंग का मामला।
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


महामाया राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में ईमेल के जरिए छात्रा की तरफ से शारीरिक शोषण की शिकायत का मामला जांच में फर्जी निकला। पुलिस ने मंगलवार को बहुचर्चित मामले का खुलासा करते हुए कॉलेज के ही आजमगढ़ निवासी एक छात्र को गिरफ्तार कर लिया। जांच में पाया गया कि उसने अपने सीनियर से रैगिंग का बदला लेने के लिए फर्जी ढंग से छात्रा की तरफ से कॉलेज प्रशासन को मेल भेज दिया। पुलिस ने छात्र का मोबाइल व लैपटॉप जब्त कर लिया है, जिससे यह साजिश रची गई। वहीं अमर उजाला ने सोमवार के संस्करण में ही फर्जी मेल की आशंका को जाहिर कर दिया था।

Trending Videos

राजकीय मेडिकल कॉलेज में तीन दिन से छात्रा के यौन शोषण के मामले ने तूल पकड़ रखा था। 2021-22 बैच की एक पैरा मेडिकल छात्रा की तरफ से 14 सितंबर की रात नौ बजे कॉलेज प्रशासन को एक ई-मेल मिला, जिसमें यौन शोषण का आरोप लगाते हुए जान दे देने की चेतावनी दी। इसमें कुल पांच लोगों को नामजद किया गया था। पुलिस ने अलीगंज थाने में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी जबकि महाविद्यालय प्रशासन भी आंतरिक जांच में जुट गया। छात्रा की तरफ से गुमनाम मेल भेजे जाने के चलते सबसे बड़ा संकट उसकी पहचान करने का था। पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो जिस जी-मेल अकाउंट से शिकायत भेजी गई थी उस तक पहुंचने के लिए गूगल का भी सहारा लेना पड़ा।

पुलिस को पूरी जांच में जो तथ्य मिले वह हैरान कर देने वाले थे। एसपी डॉ. कौस्तुभ ने मंगलवार को खुलासा किया कि ई-मेल एक छात्र ने ही लड़की बनकर भेजा था। उसकी पहचान पैरामेडिकल प्रथम वर्ष 2022-23 बैच के छात्र निवासी आजमगढ़ जनपद के रूप में हुई। पुलिस ने इसके बाद उसे कॉलेज पहुंचकर गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में छात्र ने बताया कि उसके सीनियर ने बीते दिनों रैगिंग की थी। इससे वह नाराज था। इसीलिए उसने छात्रा की तरफ से मेल भेजा, ताकि संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो सके।

गुमराह करने को भेजे एक के बाद एक कई मेल

छात्र ने रैगिंग को लेकर सबक सिखाने को बड़ी साजिश रची थी। उसने पहले तो फर्जी नाम से ई-मेल भेजा। इसके बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए कई मेल कर डाला। सबसे पहली मेल 14 सितंबर को भेजी जिसमें उसने 15 सितंबर को 11 बजे दिन तक कोई कार्रवाई न होने पर आत्महत्या की चेतावनी दी थी। रात जानकारी होते ही पुलिस टीम मेडिकल कॉलेज पहुंच गई थी। वहां उसने एक दो कर्मचारियों को हिरासत में लिया। अगले दिन कुछ और लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया। इस पर उसी अकाउंट से लगातार मेल कर कहा जाता रहा कि वह जांच से संतुष्ट नहीं है। बाद में जब पुलिस गूगल आदि तक पहुंच गई तो पकड़े जाने से बचने के लिए उसने छात्रा की तरफ से मेल भेज दिया कि वह अब जांच से संतुष्ट है। आगे किसी कार्रवाई की जरूरत नहीं है। हालांकि पुलिस प्रशासन इसके बाद भी नहीं रुका। जांच पूरी होने के चलते छात्र की साजिश का खुलासा हो गया।

एस कुमारी नाम से बनाया था अकाउंट

पैरा मेडिकल में प्रथम वर्ष के छात्र ने 2021-22 बैच की छात्रा बताकर एस कुमारी नाम से फर्जी जी-मेल अकाउंट बनाया था। इसी अकाउंट के जरिए उसने कई गंभीर आरोप भी लगाए। कोलकाता कांड के बाद प्रशासन वैसे ही अस्पतालों की सुरक्षा को लेकर सजग हुआ है। इस बीच छात्रा की तरफ से यौन शोषण की शिकायत आने व आत्महत्या कर लेने की चेतावनी ने हड़कंप मचा दिया। मेडिकल कॉलेज की आंतरिक जांच में संबंधित बैच की छात्राओं ने किसी भी प्रकार की शिकायत से इन्कार कर दिया था। इसके बाद भी यह चुनौती बनी हुई थी कि आखिर मेल किसने भेजा है।

ई-मेल में आरोपों को लेकर खड़े हो रहे सवाल

छात्रा की तरफ से फर्जी मेल भेजे जाने के मामले का खुलासा भले ही हो गया है, लेकिन मेल में कुछ गंंभीर आरोप लगाए गए हैं। इससे कई बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। ई-मेल में कहा गया कि कॉलेज के एक कोर्स कोऑर्डिनेटर से उसका दो वर्ष से संबंध है। कथित छात्रा ने आगे लिखा कि कोऑर्डिनेटर ने शारीरिक संबंध भी बनाया। बीते दिनों उसका गैर जनपद स्थानांतरण हो गया। कोऑर्डिनेटर पर आरोप लगाया कि अब अपना स्थानांतरण रुकवाने के लिए एक बाबू के साथ संबंध स्थापित करने पर जोर दे रहा है। कहा कि उस पर दबाव बनाया जा रहा कि यदि बाबू को खुश नहीं किया तो वह उसके साथ के अंतरंग पलों की फोटो व वीडियो उसके पिता व कॉलेज के साथियों को भेज देगा। पत्र में इसी का उल्लेख करते हुए कहा गया कि यदि जल्द ही कार्रवाई न हुई तो वह आत्महत्या कर लेगी। अब पुलिस की जांच भले ही यह पत्र फर्जी पाया गया हो, लेकिन इस गंभीर आरोप ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। पत्र में जिस कोऑर्डिनेटर के नाम का जिक्र किया गया है वह यहां तैनात है। हालांकि खबर है कि उसका स्थानांतरण रुक गया है, लेकिन बड़ा सवाल यह कि क्या छात्राओं के साथ वाकई ऐसा कोई उत्पीड़न हो रहा है या नहीं।

सबक सिखाने को डाले पांच नाम

छात्र शिवनारायण ने कपिल शुक्ल नामक सीनियर से उसके व्यवहार व रैगिंग को लेकर नाराज था। उन्हीं को सबक सिखाने के लिए उसने छात्रा बनकर ई-मेल भेजा। इसमें कपिल का तो जिक्र किया ही साथ में उनका कथित तौर पर साथ देने वाले एक चिकित्सक का भी नाम दर्ज कर दिया। महाविद्यालय के अन्य तीन लोगों के नाम का भी उल्लेख इसमें किया गया, जिनकी कपिल से नजदीकी थी। पुलिस ने इन सभी पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। हालांकि कोई भी ऐसा तथ्य सामने नहीं आ सका था जिससे इनकी कोई भूमिका सामने आती हेा। इन सभी को इसके बाद जाने दिया गया था।

टीमों को दिया इनाम

एसपी डॉ. कौस्तुभ ने घटना का अच्छे ढंग से खुलासा करने के लिए अलीगंज थाना पुलिस व साइबर टीम को 10 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की। कहा कि अत्यंत संवेदनशील मामले का तत्परता के साथ खुलासा हुआ है। इसके चलते ही संबंधित टीम का मनोबल बढ़ाने के लिए पुरस्कार दिया जा रहा है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *