आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय का हाल भी गजब का है। पहली बार नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क के लिए आवेदन किया, लेकिन हाथ कुछ भी नहीं लगा। वहीं दयालबाग विश्वविद्यालय 150 रैंकिंग के भीतर है।

डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के हाथ नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) में खाली रहे। पहली बार विश्वविद्यालय उच्च शिक्षण संस्थानों को दी जाने वाली रैंकिंग की लाइन में था। शिक्षा मंत्रालय ने सोमवार को एनआईआरएफ 2024 को जारी कर दिया। इसमें शहर के दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट को लगातार दूसरी बार टॉप 150 में स्थान मिला है।
देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों को शिक्षा मंत्रालय की ओर से रैकिंग दी जाती है। एनआईआरएफ रैकिंग विभिन्न स्तर पर संस्थान, विवि में हुए कार्यों के आधार पर प्रदान की जाती है। शिक्षा मंत्रालय की ओर से रैंकिंग की शुरुआत 2015 में की गयी थी। इसके बाद पहली बार उच्च शिक्षण संस्थानों, विश्वविद्यालयों को 2016 में रैकिंग मिली। रैकिंग की शुरुआत होने के बाद से 2023 तक विश्वविद्यालय ने इसके लिए आवेदन तक नहीं किया।
