…बस्ती, सिद्धार्थनगर और उन्नाव के विशेष ध्यानार्थ
– सिद्धार्थनगर की महिला से एंबुलेंस में दुष्कर्म की कोशिश का मामला
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। एंबुलेंस में महिला से दुष्कर्म की कोशिश के मामले के मुख्य आरोपी चालक ने पुलिस को चकमा देकर बृहस्पतिवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। वहीं से वह जेल भेजा गया। एक सप्ताह से पुलिस आरोपी की तलाश के दावे कर रही थी, लेकिन गिरफ्तार करने में नाकाम रही।
सिद्धार्थनगर निवासी महिला ने गाजीपुर स्थित एक निजी अस्पताल में पति को भर्ती कराया था। 29 अगस्त की शाम को वह निजी एंबुलेंस से पति को लेकर सिद्धार्थनगर के लिए रवाना हुई थीं। साथ में उनका भाई भी था। अयोध्या पार करते ही उन्नाव के पुरवा निवासी एंबुलेंस चालक सूरज तिवारी और अयोध्या निवासी उसके साथी ऋषभ ने महिला के भाई को पीछे मरीज के साथ बैठा दिया था। महिला को आगे बुलाकर बैठा लिया था।
छेड़छाड़ कर महिला से दुष्कर्म करने की कोशिश की। विरोध पर बस्ती में बीच सड़क मरीज व उन सभी को एंबुलेंस से उतारकर भाग गए थे। मरीज की कुछ घटे बाद मौत हो गई थी। गाजीपुर पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी ऋषभ को जेल भेजा था। तब से सूरज की तलाश चल रही थी। इंस्पेक्टर गाजीपुर विकास राय ने बताया कि बृहस्पतिवार दोपहर आरोपी सूरज ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। अब जल्द ही उसको कस्टडी रिमांड पर लेने के लिए अर्जी दी जाएगी।
हर कदम पर दी पुलिस को मात
आरोपी ने पुलिस को कदम कदम पर मात दी। पुलिस आखिर तक उसको पकड़ नहीं सकी। जबकि वह लगातार परिवार वालों से इंस्टाग्राम के जरिये बातचीत कर रहा था। यहां तक कि उसने एक चौकी इंचार्ज को भी कॉल की। तब उसने सरेंडर करवाने की बात कही थी। इन सभी के बावजूद पुलिस उसको ट्रेस नहीं कर सकी।
