दक्षिण भारत में फसलों पर विशालकाय अफ्रीकी घोंघों ने तबाही मचाई है। ऐसे में फसलों को घोंघा अटैक से बचाने के लिए अमेरिका ने बीएचयू के पूर्व छात्र को 5.47 करोड़ दिए हैं।
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घोंघा अटैक से बचाने वाले दानों को एकत्र करते वैज्ञानिक व बीएचयू के पूर्व छात्र अभिनव मौर्या
– फोटो : अमर उजाला
कृषि फसलों को घोंघे की मार से बचाने के लिए अमेरिकी सरकार ने बीएचयू के पूर्व छात्र अभिनव मौर्या को 5.47 करोड़ रुपये का ग्रांट दिया है। अमेरिकी कृषि विभाग के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड एंड एग्रीकल्चर ने स्मॉल बिजनेस इनोवेशन रिसर्च के नाम से ये फंड जारी किया है। उन्हें स्नेल और स्लग पर कंट्रोल के लिए ये फंड दिया गया है। अब अभिनव भारत और आसपास के देशों में कीट नियंत्रण के लिए दो साल तक रिसर्च करेंगे।
अभिनव ने बताया कि स्नेल यानी शंख वाला घोंघा और स्लग यानी बिना खोल वाला घोंघा। केरल समेत दक्षिण भारत में विशालकाय अफ्रीकी घोंघों का हमला कृषि फसलों पर काफी बढ़ गया है। अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ ने इसे दुनिया की 100 सबसे घातक प्रजातियों की सूची में शामिल किया है। इस तरह से भारतीय को इस पर रिसर्च के लिए ग्रांट मिलना बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।