
बुजुर्ग राम कृपाल।
– फोटो : amar ujala
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तहसील क्षेत्र के गांव जंगल रामनगर में खातेदार जिंदा है बावजूद इसके उसकी करीब पांच विश्वा भूमि दूसरे के नाम पर दर्ज हो गई। दो दिन पूर्व जब पीड़ित बुजुर्ग ने खतौनी नकल निकाली तो उसके मामले की जानकारी हुई। शनिवार को तहसील में लगे समाधान दिवस में मामले की शिकायत की। तहसील प्रशासन जानकारी होने के बाद कार्रवाई में जुटा है।
तहसील क्षेत्र के गांव जंगल रामनगर राम कृपाल पुत्र भगौती चार भाई हैं। एक चक करीब 20 विश्वा की है। जो चारों भाईयों के नाम दर्ज है। आवश्यकता पड़ने पर दो दिन पूर्व राम कृपाल ने जब खतौनी निकलवाई तो उनका नाम गायब था। उनके स्थान पर किसी दूसरे का नाम दर्ज हो गया था जबकि तीनों भाईयों का नाम सही दर्ज था। उसके बाद पीड़ित परेशान हो उठा।
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शनिवार को तहसील परिसर में लगे समाधान दिवस में पीड़ित राम कृपाल ने शिकायती पत्र देकर बताया कि साहब हम जिन्दा हैं फिर भी मुझे मृतक दिखाकर दूसरे के नाम वरासत कर दी गई है। पीड़ित ने मामले की जांच कराकर कार्रवाई किए जाने की मांग की।
जिंदा व्यक्ति के स्थान पर दूसरे के नाम वरासत का मामला प्रकाश में आने के बाद तुरंत अफसर व कर्मी हरकत में आ गए। तत्काल मामले की छानबीन शुरु हो गई।
एक ही नाम के दो लोगों के चक्कर मे हुई भूल
अमेठी की एसडीएम प्रीति तिवारी का कहना है कि एक ही नाम के गांव में दो लोग हैं। गांव में दूसरे नाम के राम कृपाल की वरासत होनी थी। लेखपाल की रिपोर्ट सही मिली है। खतौनी अंकन में लिपिकीय त्रुटि के कारण एक गाटे में राम कृपाल पुत्र भगौती के स्थान पर दूसरे मृतक राम कृपाल के वारिसान का नाम दर्ज हो गया था। जिसे तत्काल निरस्त कर उसके ठीक करने का निर्देश दिया गया है।