A 500 bed medical college will be built next year

प्रमुख सचिव और राज्यमंत्री प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज का अवलोकन करते हुए।

तिलोई (अमेठी)। क्षेत्र के पूरे गोबरे में 253 करोड़ रुपये से बन रहे राजकीय मेडिकल कॉलेज का शुक्रवार को स्वास्थ्य राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह और प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा आलोक कुमार ने निरीक्षण किया। इस दौरान प्रमुख सचिव ने दावा किया कि मेडिकल कॉलेज का निर्माण वर्ष 2024 में पूरा हो जाएगा। इसका संचालन वर्ष 2025-26 में किया जाएगा। मानक के हिसाब से कम से कम 400 बेड की आवश्यकता है। हालांकि निर्माणाधीन स्थल पर अभी 300 बेड का अस्पताल बनाया जा रहा है।

कहा कि 200 बेड के रेफरल अस्पताल को मेडिकल कॉलेज में शामिल किया जा रहा है। प्रयास रहेगा निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज में अप्रैल 2024 तक क्रियाशील इमरजेंसी, ब्लड बैंक, लिक्विड ऑक्सीजन सहित पेशेंट से जुड़ी अन्य सुविधाएं मुहैया हो जाए। लोक निर्माण विभाग ने दिसंबर 2024 तक कैंपस को पूरा करने को कहा है।

प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा ने स्वास्थ्य कर्मियों की कमी के सवाल पर उन्होंने कहा कि पांच साल के भीतर मेडिकल कॉलेज की संख्या दोगुनी कर दी है। आने वाले दो सालों में इसे तीन गुना करने का प्रयास किया जा रहा है। नर्सिंग कॉलेजों में सीटें डबल कर दी गई है। सरकार ने अपने बीएससी नर्सिंग कॉलेज सात से बढ़ाकर 22 कर दिया है। दावा किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार को लेकर प्रयास किया जा रहा है।

नर्सिंग काॅलेज के लिए खोजी जा रही जमीन

स्वास्थ्य राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने बताया कि मेडिकल कॉलेज का काम शुरू हो गया है। 200 बेड के अस्पताल को चलाने के लिए जो कमियां हैं, उसे तीन-चार माह में दूर कर संचालित कर दिया जाएगा। साथ ही नर्सिंग कॉलेज के लिए जमीन की खोज की जा रही है। शुक्रवार को एक जमीन देखी गई है लेकिन, वह पसंद नहीं आई। दूसरी जगह खोजा जा रहा है।

मंत्री के सामने गूंजा कर्मियों की कमी का मुद्दा

इन्हौना मार्ग पर स्थित रेफरल हॉस्पिटल पहुंचे राज्यमंत्री व प्रमुख सचिव ने पूरे अस्पताल का भ्रमण कर चिकित्सा व्यवस्था का जायजा लिया।

प्रधानाचार्य डॉ. रीना शर्मा, प्रभारी इंचार्ज डॉ. आजम खान से प्रमुख सचिव के पूछने पर बताया कि अस्पताल में सीटी स्कैन, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड व लैब प्रयोगशाला सहित आधुनिक उपकरण मौजूद है। लेकिन टेक्नीशियन न होने से समस्या आ रही है। महिला विशेषज्ञ सहित अन्य कर्मियों की कमी का मामला उठाया गया। प्रमुख सचिव ने शीघ्र कर्मियों की नियुक्ति कर समस्या दूर करने की बात कही। उन्होंने पूरे स्टाफ के साथ बैठक कर कई प्रमुख निर्देश दिए। करीब 2 घंटे रेफरल अस्पताल में रहे।

डीएम राकेश कुमार मिश्र, सीडीओ सानिया छाबड़ा, सीएमओ डॉ अंशुमान सिंह, एसडीएम दिग्विजय सिंह, सीओ डॉ. अजय कुमार सिंह, मृगांकेश्वर शरण सिंह आदि मौजूद रहे।



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