
पोल को ठीक करते कर्मी
अमेठी। आंधी और बारिश के कारण तीन विकास खंडों की बिजली व्यवस्था सोमवार की रात से पूरी तरह से चरमरा गई है। बिजली व्यवस्था धड़ाम होने से लोगों को पीने का पानी नसीब नहीं हो रहा है, तो वहीं मोबाइल व इन्वर्टर तक डिस्चार्ज हो गए हैं। करीब दो लाख उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इधर, बाजारशुकुल क्षेत्र में सिंदुरवा के पास तेज हवा-पानी से दो खंभे टूट गए।
आंधी और बारिश के कारण सिंहपुर में पेड़ गिरने से रात से बाधित आपूर्ति बहाल नहीं हो की। शाहगढ़ में सोमवार की शाम से गई बिजली दूसरे दिन दोपहर 11 बजे के करीब दो तीन घंटों के लिए आई। एक बड़ी आबादी को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जिले में पिछले कई दिनों से इमरजेंसी रोस्टिंग के चलते उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे बुरा हाल ग्रामीण क्षेत्रों को हो रही है। उपभोक्ताओं को महज 12 से 14 घंटे बिजली आपूर्ति ही मिल रही है। सोमवार को रही सही कसर उपभोक्ताओं को तेज हवा, बूंदाबांदी व बारिश ने पूरी कर दी। जिसके चलते बिजली संकट गहरा गया और लोग पूरी रात अंधेरे में रहने को मजबूर हुए।
दो उपकेंद्र की सप्लाई अब भी बंद, एक की चालू
बाजारशुकुल(अमेठी)। विकास क्षेत्र में तीन बिजली उपकेंद्र सित्थन, बाजारशुकुल व महोना से बिजली सप्लाई दी जाती है। सोमवार की दोपहर बाद तीन बजे से सात बजे तक इमरजेंसी रोस्टिंग के चलते बिजली सप्लाई काटी गई थी। जिसके बाद देर शाम तेज हवा, बूंदाबांदी व बारिश के चलते सिंदुरवा के पास बिजली के दो खंभे टूट गए। जिससे बिजली सप्लाई पूरी तरह से ध्वस्त हो गई।
पावर काॅर्पाेरेशन के कर्मचारियों ने किसी तरह सित्थन उपकेंद्र की बिजली सप्लाई मंगलवार सुबह 11 बजे बहाल करा ली। लेकिन, अन्य दो उपकेंद्रों की बिजली सप्लाई 24 घंटे बाद भी बहाल नहीं हो सकी। जिसके चलते उपभोक्ताओं को जहां पूरी रात अंधेरे में बितानी पड़ी तो वहीं मोबाइल व इन्वर्टर तक डिस्चार्ज होने से लोगों का एक दूसरे से संपर्क टूट गया। जिससे उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही दुकान, प्रतिष्ठान व कारखानों का काम पूरी तरह से प्रभावित रहा।
अंधेरे में बीती रात, पानी को तरसे लोग
शाहगढ(अमेठी)। विकास क्षेत्र में गौरीगंज, बहोरखा, एचएएल कोरवा व पनियार पावर हाउस से बिजली सप्लाई दी जाती है। सोमवार की शाम हुई क्षेत्र के अधिकांश क्षेत्र में बिजली कटौती दूसरे दिन 11 बजे बहाल हो सकी। इस दौरान लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बिजली कटौती के चलते सबसे ज्यादा दिक्कत लोगों को पीने के पानी के लिए हुई। बिजली आपूर्ति न होने से पानी के टंकी से सप्लाई ठप हो गई। लोग पीने के पानी के लिए इधर उधर भटकते नजर आए। हैंडपंप, कुएं के पानी से लोग अपना काम निपटाते दिखे। वहीं कारखानों के साथ ही दुकानों व प्रतिष्ठानों का कार्य पूरी तरह से प्रभावित रहा। रात भर बिजली गायब होने से लोगों को अंधेरे में जीवन व्यतीत करना पड़ा।
बिजली कटौती से बढ़ी परेशानी
उपभोक्ता सुनील रत्न सिंह ने बताया कि शाम से बिजली कटौती होने से बच्चों की पढ़ाई जहां प्रभावित हुई। वहीं मोमबत्ती के सहारे भोजन करने को मजबूर होना पड़ा। जर्जर खंभे व तारों की वजह से आए दिन बिजली व्यवस्था प्रभावित रहती है। प्रतिमा ने बताया कि शाम से ही बिजली चली गई थी। खाना बनाने से लेकर पीने के पानी तक के लिए सभी परेशान रहे। सुबह 11 बजे के करीब बिजली आई। लगातार बिजली कटौती से परेशानियों का समाना करना पड़ रहा है। लालचंद्र कश्यप ने बताया कि पिछले कई दिनों से बिजली कटौती से दिन का चैन व रात की नींद हराम हो गई है। बिजली व्यवस्था में सुधार कब होगा कुछ पता नहीं है। व्यापारी दिनेश शुक्ला ने बताया कि बिजली की लगातार हो रही कटौती से व्यापार पर इसका सीधा प्रभाव पड़ रहा है। अगर ऐसी ही स्थित बनी रही तो व्यापारियों को काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
उपभोक्ता रहे परेशान
सिंहपुर(अमेठी)। क्षेत्र के सेमरौता पावर हाउस के अंतर्गत करीब 15 हजार उपभोक्ताओं को बिजली सप्लाई दी जाती है। सोमवार की शाम आंधी व पानी के चलते बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।
उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। 24 घंटे से सप्लाई बाधित है। जेई सरोज राजभर ने बताया कि तेज हवाओं के कारण तारों पर पेड़ गिरने से सप्लाई बाधित है। पेड़ों की कटाई का कार्य किया जा रहा है, जल्द ही सप्लाई शुरू की जाएगी।(संवाद)
