
अस्पताल गेट के सामने शव रखकर प्रदर्शन करते ग्रामीण व परिजन
अमेठी। मुंशीगंज स्थित संजय गांधी अस्पताल में दो दिन पूर्व ऑपरेशन कराने आई विवाहिता ऑपरेशन थिएटर में बेहोशी के बाद फिर होश में नहीं आई। शनिवार सुबह इलाज के दौरान लखनऊ के निजी अस्पताल में मौत हो गई। आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग की। इधर, देरशाम परिजनों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने शव रखकर अस्पताल गेट के सामने प्रदर्शन किया। साथ ही डॉक्टरों पर केस व परिवार के लिए एक करोड़ की सहायता मांगी।
थाना क्षेत्र मुसाफिरखाना के गांव रामशाहपुर निवासी अनुज शुक्ल की पत्नी दिव्या शुक्ला (22) कई माह से पथरी की बीमारी से पीड़ित थी। पति अनुज शुक्ला ने पत्नी को मुंशीगंज स्थित संजय गांधी अस्पताल में चिकित्सकों को दिखाया। जांच होने के बाद उन्हें 13 एमएम की पथरी निकाली। चिकित्सक ने दिव्या के ऑपरेशन के लिए 14 सितंबर को डेट दी थी। पति अनुज शुक्ल के अनुसार दिव्या पूरी तरह ऑपरेशन थिएटर के जाने के पहले बातचीत कर रही थी।
पति का आरोप है कि ऑपरेशन थिएटर के अंदर चिकित्सक द्वारा गलत दवा व बेहोशी की ओवरडोज दे दी गई। पीड़ित पति ने शुक्रवार को ही सर्जन चिकित्सक, एनेस्थीसिया चिकित्सक, अस्पताल प्रबंधन के अधिकारियों पर लापरवाही किए जाने का आरोप थाने में तहरीर दी थी।
हालत बिगड़ने के बाद आईसीयू में भर्ती किया गया। उसके बाद से दिव्या होश में नहीं आई। पति ने जब पुलिस और जिला प्रशासन से शिकायत की तो अस्पताल प्रशासन ने शुक्रवार देर शाम हालत में सुधार नहीं होता देखकर लखनऊ इलाज के लिए रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान लखनऊ दिव्या की मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम के बाद शव खबर लिखे जाने तक नहीं पहुंचा था। ग्रामीण व परिजनों में आक्रोश को देखते हुए गांव व अस्पताल परिसर छावनी में तब्दील रहा।
नवजात के सिर से उठा मां का साया
अमेठी। रामशाहपुर निवासी अनुज शुक्ल के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अनुज का जहां अर्धांगिनी का साथ छूट गया है वहीं 8 माह के नवजात अनिमेष के सिर से मां का साया उठ गया है। 1 वर्ष पूर्व मृतक दिव्या के ससुर का निधन हो गया था। मृतक दिव्या और अनुज का विवाह 2 वर्ष पूर्व हुआ था।
ठीक नहीं है परिवार की आर्थिक स्थिति
मृतक दिव्या के ससुराल की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। अमृत के पति अनुज शुक्ला और आलोक शुक्ला दो भाई हैं। खेती बाड़ी कर परिवार का भरण पोषण कर रहे थे। विधवा मां पुष्पा देवी घर में है। किसी तरह कर्ज लेकर लगातार आ रही विपदाओं को परिवार झेल रहा था। लेकिन इतना सब कुछ करने के बाद भी परिवार दिव्या को नहीं बचा सका।
चिकित्सकों की टीम ने की जांच
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अंशुमान सिंह ने चिकित्सकों की टीम गठित कर जांच के आदेश दिए थे। सीएमओ के निर्देश पर गठित टीम में एसीएमओ डॉ राम प्रसाद, डिप्टी सीएमओ डॉ पीके उपाध्याय और एनेस्थेटिक डॉ अभय गोयल ने शनिवार को अस्पताल पहुंचकर मामले की जांच की। सीएमओ ने बताया कि टीम ने मृतक मरीज की सभी जांच रिपोर्ट, भर्ती, की गई दवा, दी गई बेहोशी की दवा, रेफर अभिलेख सहित अन्य बिंदुओं पर जांच की गई है।
निशुल्क विधिक सहायता देने की घोषण
अधिवक्ता कालिका प्रसाद मिश्र विवाहिता के मौत की सूचना पर परिजनों से फोन पर बात की। अधिवक्ता ने पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए निशुल्क विधिक सहायता देते हुए न्याय दिलाने में मदद करने का आश्वासन दिया।
अस्पताल में लगाई गई फोर्स
शनिवार को मौत की सूचना मिलने के बाद थाना पुलिस के साथ ही अस्पताल परिसर में क्यूआरटी लगाई गई है। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि संजय गांधी अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर फोर्स तैनात की गई है। प्रभारी निरीक्षक अखंड देव मिश्रा ने बताया कि शुक्रवार को पति की ओर से शिकायती पत्र मिला था जिसके संबंध में जिला प्रशासन को अवगत कराया गया है जिला प्रशासन की ओर से जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि अभी घटना के संबंध में कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलते ही केस दर्ज वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
