अमेठी। फसल समर्थन मूल्य योजना के तहत जिले में 69 क्रय केंद्रों पर किसानों से धान खरीद होगी। इसके लिए छह एजेंसियों को मंजूरी मिली है। एक नवंबर से धान खरीद करने की तैयारी की जा रही है। धान खरीद करने के लिए 2345 किसान पंजीकरण कराया गया है। पंजीकृत किसानों से एक नवंबर से टोकन सिस्टम से प्वाइंट आफ परचेज मशीन से निर्धारित समर्थन मूल्य पर धान खरीद करते हुए भुगतान किया जाएगा।
जिले में 1,32,138 हेक्टयर क्षेत्र में धान रोपित होने तथा करीब 32,82,696 मीट्रिक टन धान उत्पादन जिले में संभावित है। शासन ने सामान्य प्रजाति के धान 2183 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति हेक्टयर 33.20 क्विंटल खरीद करने की योजना बनाई है। अभी तक तिलोई तहसील के 1042, मुसाफिरखाना में 64, गौरीगंज में 1099 तो अमेठी में 140 किसानों ने पंजीकरण कराया है। डाटा सत्यापित हो चुके किसानों से एक नवंबर से धान खरीद करते हुए लक्ष्य पूरा किया जाएगा।
इन एजेंसियों के इतने केंद्र
विपणन विभाग की ओर से सूची के अनुसार जिले में विपणन शाखा के सर्वाधिक 23, पीसीएफ के 20, यूपीएसएस के चार, पीसीयू के 08 व एफसीआई के 03 तथा मंडी परिषद के दो क्रय केंद्र को खरीद की जिम्मेदारी दी गई है। निर्धारित क्रय केंद्रों में गौरीगंज तहसील क्षेत्र में 09, अमेठी में 13, मुसाफिरखाना में 24 तथा तिलोई क्षेत्र में 23 क्रय केंद्रों को मंजूरी दी गई है।
बिना पंजीकरण नहीं होगी धान खरीद
जिले में पांच एजेंसियों के 69 क्रय केंद्रों पर धान की बिक्री के लिए किसानों को ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। किसानों को धान उत्पादित भूमि का विवरण, ऑनलाइन खतौनी की नकल, आधार प्रमाणीकरण विधि से स्वयं के क्रय केंद्र पर नहीं आने की दशा में संबंधी का विवरण, आधार कार्ड व आवेदन की प्रविष्टियां आधार कार्ड के अनुसार, बैंक पास बुक व पासपोर्ट साइज फोटो अपलोड करानी होगी। ऑनलाइन पंजीयन कराने के बाद किसान को पंजीयन नंबर और उसका प्रिंट आउट केंद्र के प्रभारी को देना होगा।
नियमानुसार होगी खरीद
जिला स्तरीय कमेटी के अनुमोदन के बाद छह एजेंसी के 69 क्रय केंद्र को मंजूरी मिली है। सभी क्रय केंद्रों को पत्र भेजा गया है। सभी को इलेक्ट्रॉनिक कांटे के साथ पेयजल, प्रसाधन व छांव समेत अन्य सुविधा दुरुस्त रखने को कहा गया है। एक नवंबर से पंजीकृत किसानों से नियमानुसार, खरीद कर 72 घंटे में किसानों को भुगतान करने की व्यवस्था बनाई गई है। किसान समय से पोर्टल पर पंजीकरण करा ले ताकि फसल बिक्री में परेशानी न हो। किसी भी प्रकार की जानकारी या परेशानी से जुड़ी शिकायत कार्यालय में की जा सकती है।
संतोष कुमार दुबे, डिप्टी आरएमओ
