संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Wed, 13 Dec 2023 12:04 AM IST
अमेठी। लखनऊ-वाराणसी हाईवे (एनएच 56) से जुड़े दो बाईपास के लिए जमीन अधिग्रहण के मुआवजा में 382 करोड़ के घोटाले के मामले में रिकॉर्ड मांगे गए हैं। पुलिस ने तहसील प्रशासन से अभिलेख मांगे हैं, वहीं केस दर्ज करने के बाद ईडी ने जांच शुरू कर दी है। इसको लेकर एक बार फिर अभिलेख खंगाले जा रहे हैं।
बता दें कि वर्ष 2014 में एनएच-56 के चौड़ीकरण एनएचएआई (नेशनल हाईवे अथॉरिटी) की मांग पर राजस्व विभाग ने जगदीशपुर और मुसाफिरखाना में कस्बे से बाहर की जमीन अधिग्रहीत कर गलत तरीके से कृषि योग्य भूमि का मुआवजा सर्किल रेट का चार गुना निर्धारित करने के बजाय हाईवे से सटी जमीन (इसका सर्किल रेट कई गुना अधिक) के बराबर निर्धारित कर दिया।
डीएम राकेश कुमार मिश्र ने जांच कराई तो मुआवजा वितरण में घोटाला सामने आया। तत्कालीन एसडीएम आरडी राम व अशोक कुमार कनौजिया के अतिरिक्त अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है। ईडी ने भी पड़ताल शुरू कर दी है। एफआइआर सहित अन्य डिटेल लेने के बाद अन्य जानकारी जुटाई जा रही है। मुसाफिरखाना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विनोद सिंह का कहना है कि विवेचना की जा रही है। इसके क्रम में अभिलेख मांगे गए हैं।
