अमेठी। दिन में धूप, सुबह-शाम हल्की सर्दी पड़ रही है। 24 घंटे में लगातार बदल रहे तापमान से लोगों की सेहत बिगड़ रही है। अस्पतालों में वायरल बुखार के मरीज सबसे अधिक हैं, जबकि अन्य बीमारियों से परेशान लोगों की तबीयत खराब हो रही है। मंगलवार को संयुक्त जिला अस्पताल में 748 मरीज उपचार कराने पहुंचे। इसमें सबसे ज्यादा 392 मरीज बुखार के रहे।
सुबह अस्पताल खुलते ही पर्ची काउंटर पर मरीजों की लंबी लाइन लग गई। चिकित्सकों के कक्ष के बाहर मरीज उपचार कराने के लिए कतारबद्ध हो गए। चिकित्सक सुबह से लेकर ओपीडी के लिए निर्धारित समय दो बजे के बाद मरीजों का उपचार करते रहे।
फिजीशियन डॉ. शुभम पांडेय, डॉ. अमित यादव, एमबीबीएस डॉ. पीके पांडेय, डॉ. अभय गोयल, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. लईक-उल-जमा, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. कुमुद सिंह, मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. वीवी सिंह, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. हनुमान प्रसाद व डॉ राजीव शुक्ल समेत सभी चिकित्सकों के कक्ष के बाहर मरीजों की भीड़ जमा रही।
इस दौरान चिकित्सकों ने 748 मरीजों का उपचार किया। इनमें से मौसमी बुखार से 392 मरीज पाए गए। जिला अस्पताल की ओपीडी से मिले आकंड़ों के अनुसार, बुखार के 392, खांसी के 69, ठंड लगने के 67, जुकाम के 70, लूजमोशन के 48, पेटदर्द के 52 के मरीज शामिल रहे।
राहत की बात यह रही ओपीडी में पहुंचे मरीजों की हालात नाजुक नहीं थी और न ही किसी में संक्रामक बीमारी की जांच में पुष्टि हुई। सभी को दवा देते हुए बचाव विधि बताते हुए डॉक्टर ने घर में आराम करने की सलाह दी।
दिनभर में हुए 153 मरीजों टेस्ट
अस्पताल की पैथोलॉजी पर बुधवार को 153 मरीज जांच कराने के लिए आए। जांच में किसी भी मरीज में डेंगू या मलेरिया नहीं मिला। अधिकांश में साधारण बुखार की ही बात सामने आई।
बुखार के आ रहे ज्यादा मरीज
सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि इन दिनों मौसमी बीमारी से लोग कुछ ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। मौजूद चिकित्सकों ने जितने मरीजों का पर्चा बना था सभी का इलाज करने के बाद ही उठे हैं। बताया कि इनमें से ज्यादा मरीज सीजनल बुखार व पेट संबंधी बीमारी से पीड़ित थे। अस्पताल के पास सभी बीमारियों की पर्याप्त मात्रा में दवाएं उपलब्ध हैं। कहा कि चिकित्सकों द्वारा लिखी गई दवाएं मरीजों को काउंटर से वितरित की जा रही हैं।
