
वन विभाग के कर्मी को सारस सौंपते हुए
अमेठी। सहजीपुर गांव में पांच दिन पहले घायल अवस्था में मिले सारस का गांव के एक युवक ने इलाज किया। पांच दिनों में सारस उसका मित्र बन गया। बृहस्पतिवार को वन विभाग की टीम ने पहुंचकर सारस का चिकित्सीय परीक्षण किया। इसके बाद उसे अपने साथ ले गए।
सहजीपुर स्थित बाग में बीते दस जून को कुत्तों के झुंड ने सारस पर हमला कर दिया था। गांव निवासी चंदन पांडेय कुत्तों को भगाकर घायल सारस को घर ले आए। उसका इलाज कराया। इलाज के दौरान सारस और चंदन की दोस्ती इतनी बढ़ गई कि सारस घर में एक परिवार की सदस्य की तरह रहने लगा। चंदन ने बताया कि सारस ने खाने में उबला आलू और दूध चावल खाता था।
कानूनी दांव पेंच से बचने के लिए चंदन पांडेय ने 13 जून को सारस मिलने की सूचना वन विभाग के रेंजर मो. अकबर खान को दी। बृहस्पतिवार को वन विभाग की टीम ने पहुंचकर सारस को अपने कब्जे में लेकर पशु चिकित्सालय में मेडिकल परीक्षण कराया। इसके बाद टीम सारस को वन बिहार समस्तीपुर रायबरेली लेकर वाहन से लेकर चली गई।
सहजीपुर गांव निवासी चंदन पांडेय ने सारस के मिलने की सूचना दी थी। सारस का चिकित्सीय परीक्षण कराकर वन बिहार समस्तीपुर रायबरेली भिजवाया गया है।
मो. अकबर खान, रेंजर अमेठी
