अमेठी। बाजार शुकुल थाने में शनिवार की दोपहर 12 बजे का वक्त, समाधान दिवस में पेश हुए मखदुमपुर कला ग्राम पंचायत के तिवारीपुर निवासी सत्यदेव अर्जी लेकर पेश हुए। उन्होंने कहा कि साहब, छह माह से चक्कर काट रहा हूं, न्याय नहीं मिल रहा है। अफसरों ने एक बार फिर कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
बकौल सत्यदेव, 26 जून को संपूर्ण समाधान दिवस में जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत की थी। उस वक्त डीएम ने तहसीलदार को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। तहसीलदार ने जांच रिपोर्ट भी दी। अब तक विपक्षी जमीन पर कब्जा किए हैं। लगातार हर दिवस में शिकायत कर रहा हूं लेकिन, न्याय नहीं मिल रहा है। सहायक चकबंदी अधिकारी ज्ञानेंद्र प्रताप शुक्ल व एसओ अवनीश कुमार चौहान ने हल्का लेखपाल व दरोगा को मौके पर जाकर जांच करते हुए नियमानुसार कार्रवाई कर रिपोर्ट देने को कहा।
मुंशीगंज थाने में एसपी डॉ इलामारन जी के समक्ष पूरे मौजी मजरे सुल्तानपुर निवासी आशीष तिवारी पेश हुए। आशीष ने कहा कि जुलाई माह में कुछ लोगों ने उसके साथ पिता व ससुर की पिटाई कर दी।
ट्राॅमा सेंटर तक उपचार चला। मुंशीगंज थाने में केस दर्ज हुआ। केस दर्ज होने के बाद विवेचक ने आरोप पत्र भी तैयार किया। लेकिन, सीओ साहब बचाने के लिए पूरे मामले की दोबारा जांच कराने के साथ अनावश्यक विलंब करा रहे है। एसपी ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
गौरीगंज थाने में सीओ अतुल कुमार सिंह और प्रभारी एसएचओ धीरेंद्र यादव के समक्ष लखियापुर मजरे सराय हदय शाह गांव निवासी दिनेश फरियाद लेकर पहुंचे। उन्होंने कहा कि 19 नवंबर की रात उनके घर चोरी हुई। तीस हजार रुपये नकद सहित जेवर चोरी हो गया। पुलिस को तहरीर दी गई लेकिन, मुकदमा नहीं लिखा गया। कौडिहार मजरे लगुरी निवासी शीतला प्रसाद ने खेत में कब्जा करने की बात कहते हुए पैमाइश कराने की मांग की।
पूरे रोहणी मजरे सरायभागमानी निवासी सुधा मिश्र ने कहा कि कुछ लोगों ने कूड़ा डालकर गड्ढा पर कब्जा कर लिया है। मना करने पर अपशब्दों का प्रयोग करते हैं। सरौली गांव निवासी कलावती ने कहा कि साहब कुछ लोग फसल की बोआई नहीं करने दे रहे हैं। गूजरटोला निवासी आलमगीर ने खेत की पैमाइश कराने की मांग कर कब्जा दिलाने की बात कही। संभावा गांव निवासी रामभजन भी अपने भूमि से कब्जा हटाने की मांग की। अफसरों ने कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
इनकी कमी खली
भूमि विवाद समेत अन्य शिकायतों का निस्तारण करने के लिए शनिवार को सभी थानों पर समाधान दिवस आयोजित रहा। हालांकि, मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत विशेष बूथ दिवस होने से समाधान दिवस में राजस्व अफसरों की मौजूदगी कम रही। लेखपालों की उपस्थिति भी नाम मात्र की रही।
