अमेठी। अन्नदाताओं को छुट्टा मवेशियों से होने वाली परेशानी को देखते हुए जिले में चार वृहद गोआश्रय स्थलों का निर्माण शुरू कर दिया गया है। गोआश्रय स्थलों के निर्माण होने से बड़ी संख्या में छुट्टा मवेशियों को संरक्षित किया जा सकेगा।
छुट्टा मवेशियों के आतंक से छुटकारा पाने के लिए जिले के चार तहसीलों में वृहद गोआश्रय स्थल का निर्माण कराया जा रहा है। विभाग की ओर से जिले में अस्थायी, वृहद, कान्हा उपवन, दो पंजीकृत व कांजी हाउस सहित सहित कुल 111 गोआश्रय स्थल संचालित हैं, जहां 16 हजार के करीब मवेशियों को संरक्षित किया गया है। चार नए वृहद गोआश्रय स्थलों के निर्माण होने से इनकी संख्या 115 हो जाएगी।
अमेठी तहसील क्षेत्र के टीकरमाफी, कोरारी लक्षनशाह, गौरीगंज के दखिनगांव व तिलोई के खारा में लगभग एक हेक्टेयर में गोआश्रय स्थल का निर्माण कराया जा रहा है। एक गोआश्रय स्थल में तीन सौ से साढ़े तीन सौ मवेशियों को संरक्षित किया जा सकेगा। एक करोड़ 20 लाख रुपये की लागत से बनने वाली गोआश्रय स्थल में चार पक्के सेड, एक भूसा गोदाम, स्टाफ रूम, मवेशियों को पीने के पानी के लिए टंकी, सबमर्सिबल के साथ ही अन्य व्यवस्थाएं की जाएंगी। इसके लिए निर्माण के लिए शासन ने दो करोड़ 40 लाख रुपए की धनराशि आवंटित की है।
गोआश्रय स्थलों का निर्माण शुरू
सीवीओ जेपी सिंह ने बताया कि जिले की चारो गोआश्रय स्थलों के निर्माण शुरू हो गया है। इस वित्तीय वर्ष निर्माण पूरा हो जाएगा। जिसमें करीब 14 सौ मवेशियों को संरक्षित किया जा सकेगा।
