गौरीगंज (अमेठी)। मुसाफिरखाना तहसील क्षेत्र से होकर गुजरने वाले एनएच-56 के भूमि अधिग्रहण में हुए 384 करोड़ के मुआवजा घोटाले में कार्रवाई का दौर तेज हो गया है। शासन के निर्देश पर तत्कालीन नायब तहसीलदार (अब तहसीलदार) समेत 10 कर्मियों को चार्जशीट जारी की गई है। तत्कालीन एक तहसीलदार के खिलाफ भी जल्द चार्जशीट जारी होगी। कार्रवाई के लिए राजस्व परिषद ने नियुक्ति विभाग को पत्र भेज दिया है।
लखनऊ से वाराणसी के बीच निर्मित फोरलेन मार्ग (एनएच-56) जिले के मुसाफिरखाना तहसील क्षेत्र से होकर गुजरता है। इस हाईवे से कस्बा वासियों के उजड़ने की नौबत न आए, इसके लिए जगदीशपुर व मुसाफिरखाना में बाईपास का निर्माण किया गया। कई किमी. लंबे दोनों बाईपास के लिए बड़े पैमाने पर किसानों की कृषि योग्य भूमि का अधिग्रहण किया गया। केंद्र की संप्रग-2 सरकार (2013) में स्वीकृत व भाजपा की मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में निर्मित (2014 के बाद) इस बाईपास के भूमि अधिग्रहण में एनएचएआई और राजस्व विभाग के अफसरों ने जमकर मनमानी की। करीब छह माह पूर्व हुई जांच में पाया गया कि अफसरों ने मुआवजा वितरण के नाम पर सरकार को 384 करोड़ रुपये का चूना लगा दिया।
384 करोड़ का घोटाला सामने आने के बाद शासन लगातार सूचना संकलन में जुटा है। इसी कवायद के तहत शासन ने गत दिनों घोटाले के समय तैनात रहे अधिकारियों व कर्मचारियों पर (सात एसडीएम को छोड़कर) कार्रवाई का निर्देश जिला प्रशासन को दिया था। निर्देश मिलने के बाद मार्च के दूसरे हफ्ते मुसाफिरखाना के तत्कालीन तहसीलदार यशवंत राव, नायब तहसीलदार विद्यासागर मिश्र व श्रद्धा पांडेय (अब तहसीलदार) के खिलाफ रिपोर्ट भेजी गई थी। साथ ही जिला प्रशासन द्वारा तीन कानूनगो (हरिहर प्रसाद, संतराम व कृष्ण कुमार) तथा छह लेखपाल (रामपाल, राममूर्ति, वीरेंद्र कुमार, शिवकुमार शुक्ल, अमित कुमार व उदय प्रताप सिंह) को भी नोटिस जारी किया गया था।
बताया जा रहा है कि विद्यासागर मिश्र सेवानिवृत्त हो चुके हैं जबकि यशवंत राव का प्रमोशन हो चुका है। इसके चलते राजस्व परिषद ने उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए नियुक्ति विभाग को पत्र भेजा है। श्रद्धा पांडेय के खिलाफ जिले से चार्जशीट शासन को भेज दी गई है। नोटिस पाने वाले सभी कानूनगो को डीएम के स्तर से जबकि लेखपालों को एसडीएम के स्तर से चार्जशीट जारी कर दी गई है।
बड़ी कार्रवाई की तैयारी में शासन
करीब छह माह पूर्व शासन को भेजी गई जांच रिपोर्ट पर शासन बेहद गंभीर है। इस मामले में अब तक जहां एक अफसर (एडीएम वित्त एवं राजस्व अंबेडकरनगर) को साइड लाइन करते हुए विभागीय जांच चल रही है वहीं अन्य छह एसडीएम पर कार्रवाई की तैयारी चल रही है। बताया जा रहा है कि निकाय चुनाव के बाद सभी अफसरों पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है।