अमेठी। धान खरीद को 27 दिन बीत चुके हैं लेकिन, अभी तक 81 में से 57 क्रय केंद्रों की बोहनी तक नहीं हो सकी है। महज 24 क्रय केंद्रों पर 290 किसानों से सिर्फ 1301.60 मीट्रिक टन धान की ही खरीद हो पाई है। जिले में धान की खरीद के लिए छह एजेंसी 81 क्रय केंद्र खोले गए हैं।
20 अक्तूबर से धान खरीद की औपचारिक शुरुआत हो चुकी है। 10 नवंबर तक खरीद के लिए जारी आंकड़ों के अनुसार, विपणन शाखा के 19 व पीसीएफ के पांच क्रय केंद्रों पर धान खरीद हो सकी है, जबकि अन्य क्रय केंद्रों की बोहनी तक नहीं हुई है।
क्रय केंद्रों पर फसल बेचने के लिए 11,473 किसानों ने पंजीकरण कराया है। सिर्फ 24 क्रय केंद्रों पर 290 किसानों से 1301.60 एमटी धान खरीदा गया। जिले में निर्धारित 1.35लाख एमटी के सापेक्ष 2.76 प्रतिशत ही धान खरीद हुई।
ये भी है वजह
क्रय केंद्रों पर सामान्य धान की कीमत 2,183 रुपये प्रति क्विंटल, जबकि ग्रेड ए के धान की कीमत 2,203 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित की गई है। बाहर बाजार में किसानों को धान की कीमत सरकारी भाव से ज्यादा मिल जा रही है। यही वजह है कि किसान सरकारी क्रय केंद्रों की तरफ रुख नहीं कर रहे हैं। निजी आढ़तियों को अपना धान बेच रहे हैं।
15 फरवरी तक होगी धान खरीद
डिप्टी आरएमओ संतोष कुमार द्विवेदी ने बताया कि गत वर्ष जिन किसानों ने क्रय केंद्रों पर धान की बिक्री की थी। उनसे फोन पर संपर्क कर धान बेचने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। जिले में मसूरी धान की अधिक पैदावार होती है। इसकी फसल नवंबर में तैयार होती है, इस लिए अभी क्रय केंद्रों पर धान खरीद में तेजी नहीं आई है। सभी केंद्र प्रभारियों को किसानों से संपर्क कर खरीद करने का निर्देश दिया गया है।
