मुसाफिरखाना(अमेठी)। गाेमती नदी में किशोर के डूबने के मामले में अब नया मोड़ आ गया है। बुधवार को किशोर के पिता ने थाने में पुत्र की हत्या का आरोप लगाकर तहरीर दी है। दिनभर नदी में किशोर की तलाश में जुटी पुलिस अब तहरीर के आधार पर मामले की जांच कर रही है। इधर, 24 घंटे से अधिक का समय बीत जाने के बावजूद किशोर का पता नहीं चल सका है। कोतवाली क्षेत्र के पूरे बढ़ई गांव में बब्बन यादव का आरोप है कि उसके 12 वर्षीय पुत्र सुरेंद्र को मंगलवार को गांव के ही कुछ बच्चे मछली पकड़ने के बहाने से बुला ले गए। काफी देर तक जब वह नहीं लौटा तो खोजबीन शुरू की गई। रास्ते में गांव के कुछ लोग सिंचाई कर रहे थे, उन्होंने बताया कि कुछ लड़कों के साथ बेटा नदी की ओर गया है। इसके बाद उसने खोजबीन शुरू की।

इसी बीच साथ गए एक किशोर ने बताया कि सुरेंद्र नदी में डूब गया तो परिजनों ने मामले की सूचना पुलिस को देते हुए तलाश शुरू कर दी। पुलिस ने भी स्थानीय गोताखोरों की मदद से नदी में किशोर की तलाश शुरू कर दी। दोबारा बुधवार को नदी का ठेका लेने वाले ठेकेदार रामसुमेर की मदद से स्थानीय के साथ बाहरी गोताखोरों की मदद से तलाश की जा रही है। खबर लिखे जाने तक सुरेंद्र का पता नहीं चल सका। बुधवार को प्रकरण में उस समय नया मोड़ आ गया, जब सुरेंद्र के पिता बब्बन ने कोतवाली पहुंचकर साथ गए तीन अन्य बच्चों पर पुत्र सुरेंद्र की हत्या करने की आशंका जताते हुए तहरीर दी।

इनसेट

परिजनों का रो-रोकर हाल बेहाल

सुरेंद्र अपने माता-पिता का एकलौता पुत्र था। मां व पिता का रो-रोकर हाल बेहाल है। छोटी मासूम बहन रुपा भी नदी के किनारे भीड़ व मां को रोता देख गमगीन है। बहन को शायद इस बात का अंदेशा नहीं कि उसका भाई नदी में लापता हो चुका है। गांव के लोग भी गमगीन है। सभी लोग सुरेंद्र के सकुशल मिलने की प्रार्थना कर रहे हैं। फिलहाल लोगों के बीच इस बात की चर्चा थी कि परिवार के कुल का दीपक अब बुझ गया। तलाश से लोगों के बीच मिलने की कुछ उम्मीद है।

तलाश जारी, की जा रही जांच

गोमती नदी में स्थानीय व बाहरी गोताखोरों की मदद से तलाश की जा रही है। पिता की ओर से तहरीर मिली है। फिलहाल घटना की जांच व बच्चों के बयान से पैर फिसलने से डूबने का मामला प्रकाश में आ रहा है। अभी किशोर को बरामद करना प्राथमिकता में शामिल है। जांच के बाद मिलने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

एसएचओ विनोद कुमार सिंह-एसएचओ मुसाफिरखाना



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