
पीएचसी में जानकारी लेते हुए सीएमओ
अमेठी। हेल्थ वेलनेस सेंटरों पर शनिवार को आयोजित आयुष्मान भव मेले की व्यवस्था बीमार मिली। कहीं पर ताला लगा मिला तो कहीं पर उपकरण शौचालय में रखे हुए मिले। इसके बाद भी अधिकारी आल इज वेल का दावा कर रहे हैं। बता दें कि शनिवार को आठ में से छह हेल्थ वेलनेस सेंटरों की कम्युनिटी हेल्थ आफीसर प्रारंभिक आर्हता परीक्षा देने गईं थी, इस कारण वहां आयुष्मान मेला नहीं लगा।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, गौरीगंज के हेल्थ वेलनेस सेंटर टिकरिया में शनिवार को मेले की जानकारी करने पहुंची अमर उजाला टीम को यहां पर ताला लगा मिला। न तो कोई मरीज मिला न ही कोई कर्मी। सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजीव सौरभ से फोन पर बात की गई तो बताया कि यहां पर तैनात सीएचओ प्रारंभिक अर्हता परीक्षा देने गई हैं, इस कारण मेले का आयोजन नहीं हो सका।
दोपहर में जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. संजय शर्मा हेल्थ वेलनेस सेंटर मिश्रौली संग्रामपुर में आयुष्मान भव मेले का निरीक्षण करने पहुंचे। सीएचओ मंजू वर्मा उपस्थित थीं। आठ में केवल एक आशा उनके साथ मिली। केंद्र में सामान बिखरा पड़ा था। एग्जामिनेशन टेबल पर एवं वाश बेसिन में भी सामान भरा हुआ था। शौचालय में भी सामान डंप था। ई संजीवनी पर कंसल्टेशन काफी कम पाए गए।
नाराजगी जाहिर करते हुए सुधार करने को कहा गया। सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने जायस हेल्थ वेलनेस सेंटर का निरीक्षण किया। उन्होंने यहां पर व्यवस्था ठीक होने की बात कही। बताया कि 200 सेंटर में से 194 सेंटर पर मेले का आयोजन हुआ। छह केंद्रों पर सीएचओ के परीक्षा में जाने के कारण मेले का आयोजन नहीं हो सका। इसमें 1280 का आयुष्मान कार्ड बनाया गया।
बुखार के 131 मरीजों का उपचार
असैदापुर स्थित जिला अस्पताल में शनिवार को दोपहर 12 बजे तक ही ओपीडी चली। इस दौरान आए 433 मरीजों में से 131 बुखार से बीमार मिले। सर्दी के भी 34 मरीज मिले।
चिकित्सकों का कहना है कि बदलते मौसम में सेहत को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। सीएमएस डॉ. बीपी अग्रवाल का कहना है कि इस मौसम में स्वास्थ्य को लेकर सजग रहने की जरूरत है।
