50 thousand population yearning for water and electricity

खंभे पर चढ़कर तार ठीक करता बिजली कर्मी

गौरीगंज (अमेठी)। भीषण गर्मी से एक ओर सभी परेशान हैं, वहीं बिजली की लगातार कटौती ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। शहर से लेकर गांव तक हो रही अघोषित बिजली कटौती ने समस्या बढ़ा दी है। न तो लोगों के मोबाइल व इन्वर्टर चार्ज हो पा रहे हैं न बिजली पर आश्रित दुकानदारों का कारोबार चल पा रहा है। ब्लॉक समेत जीजीआईसी फीडर की आपूर्ति 24 घंटे से बाधित होने से 50 हजार आबादी समेत ब्लॉक कर्मियों को पानी के लिए तरसना पड़ा। हालांकि बृहस्पतिवार की देर शाम कुछ इलाकों में फीडर से आपूर्ति बहाल हुई। 43 डिग्री सेल्सियस की भीषण गर्मी के बीच बढ़ी बिजली की डिमांड ने जिले में आपूर्ति व्यवस्था के रोस्टर को बिगाड़ दिया है। जिला मुख्यालय स्थित जीजीआईसी फीडर पर बुधवार से प्रभावित आपूर्ति दूसरे दिन बृहस्पतिवार को भी बहाल नहीं हो सकी। गौरीगंज ब्लॉक में निवास करने वाले अफसरों व कर्मियोंं को बूंद-बूंद पानी के तरसना पड़ रहा है। बिजली न आने से कर्मियों के कंप्यूटर समेत अन्य उपकरण बंद रहे। इससे जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण लेने आए लोगों को बैरंग लौटना पड़ा। गौरीगंज मुख्यालय में रहने वाले परिवारों को मुश्किलों से दो चार होना पड़ा।

दूसरे फीडर तहसील रोड की आपूर्ति भी बृहस्पतिवार को पूरी तरह प्रभावित रहीं। बिजली न मिलने से लोग घरों से बाहर पेड़ की छांव में बिजली आने का इंतजार करते रहे। बिजली पर आधारित दुकानदारों की बोहनी तक नहीं हो रही है। इसके अतिरिक्त कलेक्ट्रेट, विकास भवन, एआरटीओ, बीएसए कार्यालय, डीआईओएस, सिंचाई विभाग, कृषि विभाग सभी जगह आपूर्ति प्रभावित होने से जेनरेटर के सहारे किसी तक कर्मचारी काम करते दिखे।

गांवों में भी कटौती से लोग बेहाल

ग्रामीण इलाकों के उपकेंद्रों पर भी विद्युत आपूर्ति का हाल बेहाल है। किसानों की खेती-किसानी पर असर पड़ रहा है। ट्यूबवेल बंद पड़े हैं। इससे नर्सरी की सिंचाई नहीं हो पा रही है।

इनसेट

शहरवासियों को छलका दर्द

जनसेवा केंद्र संचालक प्रमोद पांडेय ने बताया कि 20 किलोमीटर दूर से आकर दुकान खोला लेकिन, बिजली न होने से गर्मी में परेशान होना पड़ा तो ग्राहक को भी वापस करना पड़ा।

बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पावर कारपोरेशन सिर्फ बिल वसूली करने में जुटा है। निर्बाध आपूर्ति को लेकर उसका कोई ध्यान नहीं है।

रामदेव जायसवाल ने बताया कि गर्मी में कम से कम बिजली की आपूर्ति को बेहतर बनाई जानी चाहिए। लेकिन इन दिनों बिजली कटौती से जीवन मुश्किल हो गया है।

सतीश चंद्र मिश्र का कहना है कि बिजली बाधित होने से लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार बेखबर बने हुए हैं।

मिलाते रहो, नहीं उठेगा फोन

अघोषित बिजली कटौती से आम नागरिक परेशान हो, लेकिन कारपोरेशन कर्मियों पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। अफसर फोन तक नहीं उठाते हैं। एक्सईएन गौरीगंज के मोबाइल नंबर 94150901584, एसडीओ के मोबाइल नंबर 94150901590, जेई के मोबाइल नंबर 94150901586 तथा पावर हाउस के नंबर 8004912840 पर सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर दो बजे तक काल किया गया लेकिन, हर बार सिर्फ सेवा मौजूद नहीं है की बात सुनाई पड़ी।

हम कोई भी जानकारी देने की स्थिति में नहीं है…

बृहस्पतिवार को बिजली डिमांड व कटौती के समय जानकारी के लिए अधीक्षण अभियंता रामप्रीत के मोबाइल नंबर 8004915109 सुबह 9:56 से 10:00 बजे तक कॉल की गई तो फोन नहीं उठा। दोपहर 1:40 बजे फोन रिसीव किया तो कहा कि वह कोई भी जानकारी देने की स्थिति में नहीं है। दस मिनट बाद कॉल करिए। दोबारा कॉल करने पर फोन रिसीव नहीं हुआ।



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