अमेठी। परिषदीय स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने की योजना बनाई गई है। इसके लिए पॉकेट बुकलेट एप के माध्यम से बच्चों की डिजिटल पढ़ाई-लिखाई में काफी सहूलियत मिलेगी।जिले में संचालित 1570 परिषदीय स्कूलों में बच्चों को नई शिक्षा नीति के तहत शिक्षण कार्य करते हुए उन्हें विषय में दक्ष करने की दिशा में काम किया जा रहा है। निपुण भारत मिशन लक्ष्य के साथ बच्चों को हिन्दी व गणित में दक्ष करना विभाग के सामने चुनौती बना हुआ है। बेसिक शिक्षा विभाग ने स्टूडेंट और टीचर पाॅकेट बुकलेट एप के जरिए डिजिटल पढ़ाई-लिखाई के जरिए घर में बच्चों की पढ़ाई काे सरल बनाने की योजना बनाई है।
क्यूआर कोड से स्कैन कर पढ़ाई करेंगे बच्चे
प्राइमरी के बच्चों को बहुत ही आसानी से समझने लायक स्टूडेंट पाॅकेट बुकलेट एप तैयार की जा रही है। इसमें गणित, विज्ञान, हिंदी व अंग्रेजी विषयों से संबंधित क्यूआर कोड को स्कैन कर बच्चे आसानी से पढ़ाई कर सकेंगे। बच्चे पॉकेट बुकलेट एप से स्मार्ट क्लास या अपने मोबाइल पर क्यूआर कोड स्कैन कर वीडियो कंटेंट बहुत आसानी से पा सकेंगे।
किसी प्रकार की कोई तकनीकी परेशानी न हो, इसके लिए दीक्षा एप के माध्यम से डिजिटल शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। बता दें कि खान एकेडमी, एमवाइब संस्था, टीचर्स एप, के माध्यम से कंटेंट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। डिजिटल लर्निंग से बच्चों की शैक्षिक क्षमता बढ़ेगी तो उनके ज्ञान व बौद्धिक क्षमता का संवर्धन होगा।
रूचिपूर्ण होगा शिक्षण कार्य तो बढ़ेगा बच्चों का ज्ञान
बीएसए संजय कुमार तिवारी ने बताया कि डिजिटल युग में बच्चों का मोबाइल के प्रति रुझान बढ़ा है। पाठ्य पुस्तक के बजाए वीडियो क्लिप से बच्चों जल्द ही विषय वस्तु को समझते व सीखते हैं। ऐसे में ऑनलाइन मोबाइल एप पर मौजूद शिक्षण सामग्री के साथ शिक्षकों की ओर से तैयार शिक्षण सामग्री के वीडियो के मदद से शिक्षण कार्य को बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल अभी इसका ट्रायल किया जा रहा है। ट्रायल सफल होने पर आगामी शैक्षिक सत्र से पाॅकेट बुकलेट एप के जरिए होगी डिजिटल पढ़ाई-लिखाई को प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा।
