अमेठी। फसल अवशेष जलाने पर रोक के बाद भी शनिवार को खेत में फसल अपशिष्ट जलाने का मामला आया। सेटेलाइट से मामला पकड़ में आने के बाद दो किसानों से अर्थदंड वसूला गया है।
भारत सरकार की ओर से सेटेलाइट के माध्यम से निगरानी की जा रही है। प्रतिदिन सेटेलाइट द्वारा प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार उन खेतों तक गूगल मैप के माध्यम से पहुंचकर लेखपाल व कृषि विभाग के कर्मचारियों की रिपोर्ट पर जुर्माना लगाकर किसानों से वसूला जा रहा है।
निर्धारित दो एकड़ तक 2500 रुपए, दो से पांच एकड़ का 5000 तथा पांच एकड़ से अधिक खेत होने पर 15000 तक जुर्माना वसूलने का प्रावधान है साथ ही दोबारा करने पर कारावास का भी प्राविधान है।
तहसील के गांव महमदपुर में फसल अवशेष जलाये जाने की रिपोर्ट सेटेलाइट के माध्यम से मिली थी। रिपोर्ट के आधार पर तत्काल कृषि विभाग के तकनीकी सहायक अरविंद कुमार वर्मा एवं राजस्व लेखपाल कुंवर बहादुर सिंह ने स्थलीय निरीक्षण किया तो मौके पर किसान सत्यनारायण और गुरुदेव द्वारा पराली जलाई गई थी।
कर्मचारियों ने दोनों किसानों से 2500 रुपए आर्थिक दण्ड वसूलने के साथ चेतावनी दी कि भविष्य में पुनरावृत्ति की गई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उप कृषि निदेशक ने किसानों से जुर्माना वसूलने की पुष्टि करते हुए किसानों से अपील है कि फसल अवशेष न जलाएं। पूसा बायोडिकम्पोजर आदि का प्रयोग करे अथवा फसल अवशेष को खेत के बाहर निकालकर उसे एक गड्ढे में एकत्रित कर उसको सड़ाकर कम्पोस्ट खाद बनाकर अपने खेत्र में प्रयोग करें।
