गौरीगंज (अमेठी)। जून में पड़ भीषण गर्मी के बीच किसान झमाझम बरसात का इंतजार कर रहे हैं। अभी तक मात्र 9 मिमी. ही बारिश कुछ हिस्सों में हुई है। ऐसे में बारिश के साथ इस सीजन में नहरों ने भी किसानों को धोखा दे दिया।

अघोषित कटौती से निजी नलकूप से भी किसानों को खेत तैयार करने में परेशानी हो रही है। आलम यह है कि अबतक सिर्फ करीब दस हेक्टेयर में धान की फसल रोपित हुई जबकि 121138 हेक्टेयर में धान तो 18069 हेक्टेयर में तैयार होती है। अन्य फसल तैयार की जानी है। नहर में पानी आने के बाद जिले में धान रोपाई कार्य में तेजी आई है।

खरीफ सीजन की फसलों के लिए मौसम में नमी के साथ अधिक पानी की आवश्यकता होती है। बरसात के साथ किसान नहर, राजकीय नलकूप व निजी नलकूप के सहारे खेती-किसानी करते हैं। धान की बेड़न डालने के बाद किसान बरसात के साथ इसकी रोपाई करते हैं तो नमी मिलने पर ज्वार, बाजरा, मक्का, उरद, मूंग, अरहर व तिल की खेती करते हैं। इस बार खरीफ सीजन में झमाझम बारिश का इंतजार कर रहे किसान परेशान हैं। अभी तक मात्र 9 मिमी. ही बरसात हुई है।

गत वर्ष 23 जून तक 30 हेक्टेयर मेंं धान की फसल रोपित हो चुकी थी जबकि इस वर्ष महज दस हेक्टेयर ही हुई है। हालांकि नहर में 20 जून को पानी आने के बाद रोपाई कार्य तेज हो गया है। कृषि विभाग के अनुसार जिले में 121138 हेक्टेयर में धान तो 18069 हेक्टेयर में तैयार होती है।

यह है खेती का आंकड़ा

आंकड़ों के अनुसार 121138 हेक्टेयर में धान की रोपाई होगी तो 171 हेक्टेयर में मक्का, 107 हेक्टेयर में मोटा अनाज, 4244 हेक्टेयर में ज्वार, 414 हेक्टेयर में बाजरा, 6667 हेक्टेयर में उूर्द, 85 हेक्टेयर में मूंग, 4955 हेक्टेयर में अरहर, 899 हेक्टेयर में तिल तथा सात हेक्टेयर मेंं मूंगफली की खेती प्रस्तावित है।

जिले का शुद्ध सिंचित क्षेत्र

कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में 1,29,766 हेक्टेयर भूमि सिंचित है। इसमें 4494 हेक्टेयर भूमि पर राजकीय नलकूप से तो 258742 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होती है। 66609 हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई के लिए किसानों ने निजी नलकूप स्थापित किया है।

33 डिग्री रहा तापमान

मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमर नाथ मिश्र के अनुसार शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान 33.54 डिग्री तो 27.5 डिग्री न्यूनतम रहा। 2.5 किलोमीटर की रफ्तार से हवा चली। 24 से 28 जून तक आसमान में बादल छाए रहने तो 24 व 25 को मामूली तो 26 से 28 जून तक मध्यम वर्षा होने की संभावना है। इस सप्ताह हवा भी सामान्य गति से पूर्वी चलेगी।

चल रही धान की रोपाई

जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडेय ने बताया कि नहरों में पानी आने के बाद धान रोपित का कार्य जिले में तेजी से चल रहा है। किसानों की धान बेड़न तैयार है। बरसात के साथ अन्य स्रोत्रों से पानी का प्रबंध कर किसान जुलाई तक धान रोपित करते हैं। अभी धान की रोपाई का काम प्रभावित नहीं है। किसानों को सिंचाई में परेशानी नहीं हो इसके लिए नहर में पानी की व्यवस्था के साथ बिजली आपूर्ति व राजकीय नलकूपों को क्रियाशील रखने के लिए संबंधित को पत्र भेजा गया है।



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