
रोते बिलखते परिजन
अमेठी। रेलवे स्टेशन के पूर्वी आउटर के समीप घर से कॉलेज के लिए निकलीं दो सगी बहनें मालगाड़ी की चपेट में आ गईं। इससे उनकी मौके पर मौत हो गई। इस घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों का रो-रोकर हाल बेहाल है। ग्रामीण भी इस अनहोनी से गमगीन है। घटना की सूचना मिलने के बाद पंहुची आरपीएफ और जीआरपी ने जांच शुरू कर दी है।
लखनऊ-वाराणसी रेल खंड पर मंगलवार की सुबह 10:45 बजे प्रतापगढ़ की ओर मालगाड़ी जा रही थी। इसी बीच स्थानीय रेलवे स्टेशन के पूर्वी आउटर स्थित 932/27 किलोमीटर पोल के समीप गांव रामगढ़ निवासी राजाराम की पुत्री जया (18) और प्रिया (16) मालगाड़ी की चपेट में आ गईं। घटना की सूचना मालगाड़ी चालक ने स्टेशन मास्टर को दी। जीआरपी अजय पाल सिंह और आरपीएफ चौकी प्रभारी सीएस मिश्र फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे।
सूचना पाते ही परिजन मौके पर पहुंच गए। जीआरपी चौकी प्रभारी अजय पाल सिंह ने बताया कि पंचनामा के बाद पोस्टमॉर्टम के लिए शव प्रतापगढ़ भेजा जा रहा है। जहां से पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सुपुर्द किया जाएगा।
मोबाइल से हुई पहचान
मौके पर मिले मोबाइल फोन के जरिए दोनों बहनों की पहचान की गई। परिजनों के मुताबिक, जया और प्रिया मंगलवार सुबह करीब आठ बजे कॉलेज जाने की बात कह कर अमेठी के लिए निकली थीं। बड़ी पुत्री जया बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा तो प्रिया इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। घटना होने के बाद मौके पर पहुंचे परिजन दोनों की पढ़ाई की बातें कहकर कर बिलख कर रो रहे थे।
सोमवार शाम घर में था आयोजन
रामगढ़ निवासी राजाराम के बड़े भाई के बेटे आदर्श का सोमवार को जन्मदिन था। जन्मदिन को लेकर घर में कार्यक्रम आयोजित हुआ था। पूरे परिवार के साथ ही रिश्तेदार व गांव के लोग शामिल हुए थे। मंगलवार सुबह रिश्तेदार अपने अपने घर के लिए निकले। इसी दौरान जया और प्रिया भी अमेठी की बात कहकर घर से निकल गई।
मजदूरी कर पिता करा रहे थे बच्चों की पढ़ाई
राजाराम के तीन बेटियां और एक बेटा है। जिसमें विशाल सबसे बड़ा है। उसके बाद क्रमश: स्वाति, जया और प्रिया पुत्रियां थीं। जया और प्रिया पढ़ने में तेज थी। विशाल भी मजदूरी करता है। राजाराम मजदूरी कर बच्चों की पढ़ाई व उनका भरण पोषण कर रहे हैं। वह मौके पर पहुंचे तो दोनों बेटियों का शव देख कर बिलख पड़े। वह जया का नाम लेकर बार-बार कह रहे थे कि वह पढ़ाई व भरण पोषण में कोई कमी नहीं कर रहे थे।
बंधाया ढांढस
घटना की सूचना मिलने के बाद भाजपा नेता अमरेंद्र सिंह पिंटू, पूर्व प्रमुख परशुराम, विजयपाल उपाध्याय आदि लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिवारी जनों को ढांढ़स बंधाया।
