The weather took a turn, the cold troubled me

गौरीगंज से गुजरने वाले टांडा-बांदा हाईवे में सोमवार दिन में छाई धुंध के बीच गुजरते लोग ।

अमेठी। नवंबर के आखिरी सप्ताह में सर्दी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। सोमवार को पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहे जिससे सूर्य के दर्शन नहीं हुए। पूरे दिन लोग सर्दी की गिरफ्त में रहे। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो आगामी 24 घंटे हल्के मध्यम बादल छाए रहेंगे। हवा सामान्य गति से चलेगी।

कार्तिक पूर्णिमा के दिन बादलों के चलते पूरे दिन धूप नहीं निकली। जिसके चलते प्रतिदिन की अपेक्षा सोमवार को सर्दी का असर ज्यादा रहा है। सुबह कम कपड़ों में घर से निकले लोग शाम तक ठंड से परेशान होते दिखाई दिए। वहीं, नंदमहर के मेले में गौरीगंज की तरफ से जाने वाले लोगों की संख्या कम होने से सड़कें खाली रहीं। पूरे दिन कोहरा छाया रहा। ऐसे में लोग वाहनों की हेड लाइट जलाकर आवागमन नजर आए।

मौसम वैज्ञानिक डॉ. सीताराम मिश्र ने बताया कि सोमवार को अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस रहा। पांच किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। उत्तरी पश्चिमी दिशा में हवा चली। बताया कि आगामी 24 घंटे में हल्के से मध्यम बादल छाए रहने की संभावना है। हवा सामान्य गति से पश्चिम की चलने के आसार हैं।

सर्दी-जुकाम के मरीज बढ़े

संयुक्त जिला अस्पताल में सोमवार को दोपहर तक हुई ओपीडी में कुल 302 मरीज पहुंचे। इसमें से 171 मरीज सिर्फ सर्दी व जुकाम से ग्रस्त रहे। बुखार के 91, लूजमोशन के 39, शरीर-पेटदर्द के 32 व पानी की कमी के चार मरीज अस्पताल आए। सीएमएस डॉ. बीपी अग्रवाल ने कहा कि बदलते मौसम में सभी काे सावधान रहने की जरूरत है।

गर्म कपड़ों की मांग बढ़ी

सर्दी की दस्तक के साथ ही गर्म कपड़ों की मांग बढ़ गई है। जगह-जगह जैकेट, स्वेटर व मफलर की दुकानें सज गई हैं। बच्चों से लेकर बड़ों तक के लिए जैकेट की नई रेंज आई है। क्वालिटी के हिसाब से 200 से लेकर डेढ़ हजार रुपये तक के कई जैकेट बाजार में उपलब्ध हैं। व्यवसायी राज कुमार का कहना है कि कई वैरायटी के स्वेटर भी आए हैं। जगदीशपुर के व्यापारी राकेश ने बताया कि सबसे ज्यादा जैकेट, जर्सी, अपर, हुड, शॉल की मांग बढ़ी है।

स्वास्थ्य विभाग सतर्क, बढ़ाई गई निगरानी

संवाद न्यूज एजेंसी

अमेठी। सर्दी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी तक को अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है। अगर ठंड से कोई भी मरीज आता है तो प्राथमिकता के तौर पर उसका इलाज करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए एसीएमओ को भी निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है।

सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि मौसम को देखते हुए जिला अस्पताल में अलग से बेड आवंटित कर दिए गए हैं। यहां पर इलाज की व्यवस्था की गई है। दवाओं का स्टाॅक उपलध करा दिया गया है।

सांस के मरीज बरतें सावधानी

जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. शुभम पांडेय ने बताया कि ठंड बढ़ने पर सांस के मरीजों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। सांस फूलने पर इन्हेलर लेते रहें। इसके अलावा ज्यादा दिक्कत होने पर स्टीम लेने के अलावा चिकित्सक को समय-समय पर दिखाते रहे। उन्होंने कहा कि गले में बलगम फंसा होने पर स्टीम लेते रहे हैं। बाहर निकलने पर गले को ढककर रखने वाले गर्म कपड़े पहन कर निकलें।

ज्यादा देर तक खाली पेट न रहें बच्चे

बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. लईकुज्ज्मा ने कहा कि सर्दी के मौसम में बच्चों को ठीक से गर्म कपड़े पहनाकर रखना चाहिए। कोहरे में ज्यादा देर बाहर टहलने न दें। बच्चों को खाली पेट न रखें। खाली पेट होने पर ठंड लगने की आशंका अधिक होती है। वहीं, शीतलहर रहने पर घर के बाहर ज्यादा देर घूमने नहीं देना चाहिए।



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