
रोडवेज बस चालक की सीट
अमेठी। बाराबंकी में बस में आग की घटना के बाद अब रोडवेज बसों में आग से बचाव के इंतजामों की जांच शुरू हो गई है। रोडवेज बसों में कहीं पर वायरिंग तो नहीं टूटी हुई है। तार कहीं पर स्पार्किंग तो नहीं कर रहा है.. इन तमाम बिंदुओं की पड़ताल शुरू कर दी गई है। इसको लेकर डिपो से 20 दिसंबर तक रिपोर्ट मांगी गई है।
स्थानीय डिपो में परिवहन निगम की इस समय 36 बसें संचालित हैं। अमेठी एआरटीओ से पंजीकृत 19 में से 12 बसें डिपो में संचालित हैं तो फैजाबाद एआरटीओ से पंजीकृत 15 बसें, कानपुर नगर एआरटीओ से पांच तथा कानपुर एआरटीओ से पंजीकृत चार बसों का संचालन अमेठी डिपो से किया जा रहा है। कार्यशाला से लेकर एआरटीओ तक बसों का फिटनेस मिलने के बाद ही संचालन कराया जा रहा है।
सर्दी के मौसम में कोहरे की धुंध और सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए रोडवेज की ओर से सतर्कता बरती जा रही है। बसों में अग्निशमन यंत्र के साथ ऑलवेदर लाइट (फाॅग लाइट) एवं खिड़कियों के कांच, इंडिकेटर आदि टूरिस्ट कर रोड पर निकाला जा रहा है।
डिपो प्रभारी जीएन द्विवेदी ने बताया कि बसों में आग से बचाव को लेकर पूरी गाइड लाइन है। इसके आधार पर प्रबंध किए गए हैं। अब एक बार फिर जांच के आदेश मिले हैं। इसके क्रम में कार्रवाई की जा रही है।
इन बिंदुओं पर की जाती है जांच
अमेठी। ब्रेक, हार्न, वाइपर, इंडिकेटर, साफ-सफाई, प्रदूषण, स्टेयरिंग, लाइट, ढांचा (लंबाई व चौड़ाई), शाॅकर, चेसिस, बाडी, इंजन, स्पीडोमीटर, गेयर, टायर, शीशा, इलेक्ट्रिकल (वायरिंग), डेंट-पेंट, नंबर प्लेट, परवर्ती टेप, टैक्स और बीमा आदि की जांच होती है।
फिटनेस जांच के बाद रवाना करें बसें
सड़क दुर्घटना एवं सर्दी के मद्देनजर फिटनेस जांचने के बाद ही बसों को रूट पर रवाना करने के निर्देश दिए गए हैं। कोहरे की धुंध में बस की रफ्तार कम रखने व जरूरत पड़ने पर रुकने का भी प्रावधान कर दिया है। यात्रियों को सुरक्षित व सहूलियत भरा सफर मिले इसे लेकर जरूरी इंतजाम करने के लिए कहा गया है।
– काशी प्रसाद, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, रोडवेज डिपो, अमेठी
