
खाद के लिए कतार मे लगे किसान।
अमेठी। अभी तक नहरों में पानी न आने से परेशान किसानों को अब खाद की किल्लत से जूझना पड़ रहा है। जिले की 72 साधन सहकारी समितियों में से मात्र 44 पर समितियों पर खाद उपलब्ध है। जबकि, 22 समितियों पर डीएपी (डाई अमोनियम फास्फेट) खाद नदारद है। नवंबर के पहले सप्ताह से गेंहू की बोआई करने वाले 50 हजार किसान डीएपी खाद के लिए परेशान हैं।
रबी फसल की बोआई का समय 15 अक्तूबर से शुरू हो जाता है। किसान इस समय आलू, गेहूं, सरसों, मटर, चना की बोआई करते हैं। किसानों के खेत लगभग बोआई के लिए तैयार हैं। किसानों ने बीज का इंतजाम तो कर लिया है। राजकीय बीज भंडार केंद्रों पर लगभग सभी फसलों के बीज भी उपलब्ध हैं। लेकिन, सहकारी समितियों पर खाद नहीं होने से किसान परेशान है।
किसानों को बाजार से नकद भुगतान कर खाद खरीदनी पड़ रही है। खाद नहीं मिलने से किसानों को बोआई पिछड़ने की चिंता सता रही है तो वहीं खेत के सूखने का भय भी बना हुआ है।
समितियों पर नहीं है डीएपी
शाहगढ़(अमेठी)। शाहगढ़ विकास खंड में कुल पांच समितियां संचालित हो रही हैं। साधन सहकारी समिति दुलापुर कला व पनियार के सचिव जितेन्द्र सिंह ने बताया कि पनियार सहकारी समिति पर डीएपी खाद उपलब्ध नहीं हैं। 18 टन दानेदार यूरिया खाद उपलब्ध हैं। दुलापुर कला में डीएपी और यूरिया दोनों नहीं हैं। सहकारी समिति चंदौकी के सचिव फतेह बहादुर सिंह ने बताया कि यहां पर डीएपी और यूरिया खाद दोनों उपलब्ध नहीं हैं। सहकारी समिति सेवई हेमगढ़ और कौहार के सचिव कप्तान तिवारी ने बताया कि समिति पर 200 बोरी यूरिया मौजूद हैं। डीएपी का वितरण हो चुका हैं।
ढूंढे नहीं मिल रही है डीएपी खाद
जगदीशपुर(अमेठी)। विकास क्षेत्र में अधिकांश समितियों पर डीएपी खाद नदारद है। धान की कटाई कर चुके किसान गेहूं, आलू, चना, मटर सहित अन्य फसलों की बोआई की तैयारी में है। खाद न मिलने से उन्हें महंगे दामों पर खाद लेना मजबूरी बन गई है। मांग के बावजूद डीएपी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।
जिले में पर्याप्त मात्रा में है खाद
जिला कृषि अधिकारी रविकांत सिंह की माने तो जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद है। उन्होंने बताया कि माह नवंबर में यूरिया 4790 मीट्रिक टन की आवश्यकता होती है। जिसके सापेक्ष 15292.676 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है। इसी प्रकार डीएपी 7426 मीट्रिक टन के सापेक्ष 2593.354 मीट्रिक टन, एमओपी 362 मीट्रिक टन के सापेक्ष 124.65 मीट्रिक टन, एनपीकेएस 1080 मीट्रिक टन के सापेक्ष 1423.10 मीट्रिक टन, एसएसपी 600 मीट्रिक टन के सापेक्ष 1876.25 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है।
बफर स्टाक से भेजी जा रही है खादसहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अमेठी मित्रसेन वर्मा ने बताया कि जिले के 72 समितियों पर खाद का वितरण होता है। जिसमें 44 समितियों पर मौजूदा समय में खाद उपलब्ध है। शेष पर बफर स्टाक से डीएपी भेजी जा रही है। जल्द ही एक रैक उर्वरक और आने वाली है। किसानों को खाद की कोई दिक्कत नहीं होगी।
