Scrub typhus strikes again, one more sick

संयुक्त जिला अस्पताल में डॉक्टरों के कमरों के बाहर मरीजों की भीड़

अमेठी। एक माह बाद स्क्रब टाइफस ने जिले में दोबारा दस्तक दे दी है। जामो के बाद अब जगदीशपुर कस्बा निवासी एक 71 वर्षीय वृद्धा स्क्रब टाइफस से ग्रसित मिली है। उसका इलाज लखनऊ में चल रहा है। इधर, बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल में डेंगू के 9 संदिग्ध और मरीज मिले हैं।

एक माह पहले जामो में एक बालक स्क्रब टाइफस से ग्रसित मिला था। दोबारा जगदीशपुर क्षेत्र के पालपुर तकिया निवासी 71 वर्षीय बानो निशा चार दिनों से बीमार थी। घरवाले लखनऊ के मेदांता अस्पताल ले गए। वहां पर 16 अक्तूबर को भर्ती करके खून का सैंपल लिया गया था। बृहस्पतिवार को आई रिपोर्ट में वह स्क्रब टाइफस से पीड़ित मिली हैं। इसकी जानकारी सीएमओ कार्यालय को भेजी गई है।

सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि शुक्रवार को प्रभावित गांव में स्वास्थ्य टीम को भेजा जाएगा। सैंपलिंग कराकर अन्य निरोधात्मक कार्रवाई की जाएगी।

डेंगू के बढ़ते मरीजों ने बढ़ाई चिंता

जिले में डेंगू के नौ और संदिग्ध मरीज मिले हैं। बाजारशुकुल में 5, अमेठी, जामो व जगदीशपुर में एक-एक मरीज हैं। कार्ड की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद एलाइजा जांच के लिए सैंपल भेजा गया है।

संयुक्त जिला अस्पताल की ओपीडी में उपचार कराने के लिए पहुंचे 876 मरीजों में से बुखार से ग्रसित मरीजों की संख्या 318 थी। सर्दी के 72, खांसी के 61,जुकाम के 58, लूज मोशन के 43, पेटदर्द 46 व शरीर में पानी की कमी के 27 मरीजों ने चिकित्सकों से परीक्षण कराया है।

अभी ऑपरेटर नहीं है, बाद में बताएंगे

जिले में डेंगू के कुल कितने मरीज है, इस सवाल के जवाब में जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. शेषधर द्विवेदी का जवाब चौंकाने वाला रहा। कहा कि अभी ऑपरेटर नहीं है, बाद में बताएंगे। यह हाल तब है जब डेंगू को लेकर सरकार बेहद गंभीर है।

क्या है स्क्रब टाइफस

सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि टाइफस एक संक्रामक बीमारी है। यह संक्रमित पिस्सुओं/चिगर्स के काटने से होती है। यह बहुत छोटे छोटे कीड़े होते हैं, जो अधिकतर घास, झाड़ियों, चूहों, खरगोश, छछूंदर जैसे जानवरों के शरीर पर होते हैं।

यह हैं स्क्रब टाइफस के लक्षण

– तेज बुखार के साथ ठंड लगना

– सिर दर्द होना, नब्ज तेज चलना

– ब्लड प्रेशर कम होना

– मांसपेशियों में ऐंठन हाेना

– लगातार बुखार रहना

ऐसे करें बचाव

इससे बचाव के लिए घर के आस पास झाड़ियां न उगनें दें, उन्हें समय समय पर साफ करते रहें। साफ कपड़े पहनें। घर के अंदर या आस पास कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करते रहें। खेत में काम करते समय अपने हाथ पैरों का ढककर रखें।



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