अमेठी। बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर एक दिवसीय हड़ताल पर रहे। इस दौरान जिले की 58 शाखाओं में पूरी तरह से काम काज ठप रहा। जिससे करीब दस करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है। हड़ताल से बैंकों में सन्नाटा पसरा रहा, वहीं, पैसों की जमा निकासी व अन्य कार्य न होने से ग्राहकों में निराश होकर लौटना पड़ा।

मंगलवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर ज्वाइंट फोरम आफ बड़ौदा यूपी बैंक यूनियन के बैनर तले जिले के बड़ौदा उत्तर प्रदेश बैंक के अधिकारी व कर्मचारी गौरीगंज स्थित क्षेत्रीय कार्यालय पर इकट्ठा हुए। जहां उन्होंने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। बड़ौदा यूपी बैंक के सभी नौ यूनियनों के संयुक्त मोर्चा की तरफ से बैंक अधिकारी व कर्मचारी हड़ताल पर रहे।

फोरम का कहना है कि बैंक की शाखाओं को बंद करने का प्रस्ताव रद्द किया जाय और सभी पदों पर नियमानुसार नई भर्ती की जाए। बैंक कर्मियों का कहना है कि ज्वाइंट फोरम ने हड़ताल की नोटिस आठ सितंबर को दे दी थी। 25 सितंबर को बैंक के प्रधान कार्यालय पर धरना और तीन अक्टूबर को हड़ताल का कार्यक्रम घोषित किया गया था।

ज्वाइंट फोरम की ओर से धर्मेंद्र सिंह का कहना है कि तीन अक्टूबर को जिले की सभी शाखाओं पर हड़ताल के चलते काम ठप रहा। बैंक कर्मियों ने मांग संबंधी ज्ञापन क्षेत्रीय प्रबंधक को सौंपा। एलडीएम गणेश शंकर यादव ने बताया कि हड़ताल से ग्राहकों को दिक्कत जरूर हुई है। लेकिन, कितना लेनदेन प्रभावित हुआ है इसकी सही जानकारी अभी नहीं है। बैंक कर्मियों की माने, हड़ताल से करीब दस करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ है।

बैंक बंद होने से निराशा

गौरीगंज शहर के आदर्श शुक्ला अपना बंद बैंक एकाउंट चालू करवाने के लिए बैंक गए थे। लेकिन, बैंक में हड़ताल होने के चलते उन्हें लौटना पड़ा। जानकारी न होने से उन्हें परेशानी हुई। दयालापुर निवासी सूरज यादव ने बताया कि जरूरी काम के लिए पैसा निकालना था। जब बैंक पहुंचे तो बंद मिली। जिससे उन्हें निराशा हुई। उन्होंने बताया कि उधारी लेकर काम निपटाना पड़ा।

क्या हैं मांगे

– मित्र कमेटी के अनुसार नई भर्ती एवं 2023 पदोन्नति शीघ्र करने, बीसीजी की संस्तुतियों को रद्द करने, बैंक की 268 शाखाओं की बंदी एवं विलय के प्रस्ताव समाप्त करने व नाबार्ड द्वारा जारी मानव श्रम नीति के अनुसार प्रायोजक बैंक के स्केल 5 के अधिकारियों को वापस किया जाय सहित अन्य मांगें शामिल है।



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