
गोष्ठी में मौजूद वक्ता
अमेठी। शहर स्थित आरआरपीजी कॉलेज परिसर में रसायन विज्ञान विभाग की ओर से शनिवार को पटाखों का पर्यावरण पर प्रभाव विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी हुई। प्राचार्य प्रो. पीके श्रीवास्तव ने पटाखों के दुष्प्रभाव पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि पटाखे फोड़ने से जहां हमारा पर्यावरण प्रदूषण होता है, वहीं मानव जीवन के साथ ही सभी पर प्रभाव पड़ता है। बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए आज हरित पटाखों के उपयोग की जरूरत है।
डॉ.आदित्य बहादुर सिंह ने कहा कि पटाखों से निकलने वाले कार्बन मोनो ऑक्साइड एवं सल्फर डाइऑक्साइड मानव जीवन के लिए काफी हानिकारक है। डॉ.अनूप सिंह ने पटाखों में रसायन की भूमिका पर अपना व्याख्यान दिया।
डॉ धनन्जय सिंह ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण वैश्विक मानदंड से सौ गुना अधिक बढ़ चुका है। डॉ विजय सिंह ने पटाखों से उत्सर्जित गैसों का जीवन पर प्रभाव विषय पर प्रकाश डाला। संगोष्ठी संयोजक डॉ.अरविंद सिंह ने पटाखों की दुनिया और जीवन विषय पर प्रकाश डाला। डॉ आशुतोष श्रीवास्तव ने पटाखों के दुष्प्रभाव से लोगों को जागरूक किया। संगोष्ठी को डॉ मानवेंद्र प्रताप सिंह, डॉ ज्ञानेन्द्र प्रताप सिंह, डॉ चंद्रशेखर सिंह, डॉ अनुराग त्रिपाठी आदि ने भी संबोधित किया।
संगोष्ठी में रसायन विज्ञान के एमएससी प्रथम एवं तृतीय सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। इस मौके पर प्रो एमपी त्रिपाठी, डॉ. विनोद मिश्रा, डॉ सुधीर सिंह, डॉ.अनादि मिश्र, डॉ.पवन पांडेय, डॉ. अजय सिंह, डॉ.शिखा शुक्ला, डॉ. अनुराग सिंह, डॉ. करुणेश सिंह डॉ. अंजनी पांडेय, डॉ. योगेंद्र ओझा, डॉ. विमल जी विद्यार्थी, आराधना पांडेय व सुप्रिया पाठक आदि मौजूद रहे।
