पांच हजार से ऊपर आबादी वाले गांव होंगे चिन्हित
संवाद न्यूज एजेंसी
गौरीगंज (अमेठी)। मनरेगा से जिले के सभी 13 ब्लॉक की एक-एक ग्राम पंचायत में अंत्येष्टि स्थल का निर्माण कराया जाएगा। सीडीओ ने सभी बीडीओ को पांच हजार से ऊपर आबादी वाले गांवों को चिन्हित कर इस्टीमेट बनवाने का निर्देश दिया है।
मनरेगा के तहत गांवों में कच्चे व पक्के काम के अलावा सीडीओ सान्या छाबड़ा ने अब कुछ बड़े कार्य कराने का निर्णय लिया है। सीडीओ ने पहले चरण में प्रत्येक ब्लॉक से पांच हजार से ऊपर आबादी वाले एक-एक गांव में मनरेगा योजना से अंत्येष्टि स्थल का निर्माण कराने की कवायद शुरू कराई है। उन्होंने सभी बीडीओ को अपने-अपने ब्लॉक के ऐसे एक गांव का चयन करने को कहा है।
सीडीओ का निर्देश मिलने के बाद सभी बीडीओ ने इसकी कवायद शुरू कर दी है। कवायद के तहत ब्लॉक अमेठी में नरैनी, बहादुरपुर में बोझी भूलामऊ, भादर में नगरडीह, मुसाफिरखाना में रंजीतपुर गांव का चयन कर स्थल चिन्हित कर लिया गया है। जामो के ऐंधी में स्थल चिन्हित कर इस्टीमेट भी बना लिया गया है। इसी तरह जगदीशपुर में एसडीएम से निशुल्क जमीन मांगी गई है। संग्रामपुर तथा शाहगढ़ में अब तक भूमि चिन्हांकन का कार्य नहीं किया गया है।
इनसेट
होगी सहूलियत
शासन की ओर से प्रति वर्ष जिले को छह अंत्येष्टि स्थल निर्माण का लक्ष्य मिलता है। एक अंत्येष्टि स्थल निर्माण के लिए करीब 24 लाख रुपये आवंटित होते हैं। शासन से मिले स्थलों का चयन जिला प्रशासन को करना होता है। ऐसे में सिर्फ उन्हीं गांवों का चयन होता है जिनकी राजनीतिक पकड़ तेज होती है। हालांकि, काम में ढिलाई सामने आती है। जिले में अभी वित्तीय वर्ष 2021-22 में चयनित सभी गांवों में निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। तीन दिन पहले ही डीपीआरओ ने संबंधित प्रधान व सचिव को पत्र जारी कर तत्काल निर्माण पूरा कराते हुए जवाब भी मांगा है।
वर्जन
सीडीओ सान्या छाबड़ा ने बताया कि जिले में अब मनरेगा से बड़े कार्य कराने का प्रयास किया जा रहा है। इसी के तहत अंत्येष्टि स्थल का निर्माण होगा। जल्द ही गांवों में कार्य शुरू कराया जाएगा।
