अमेठी। निर्माण कार्य समय से पूरा हो, इसकी निगरानी का दावा किया जा रहा है लेकिन, हकीकत अलग है। चार बार निर्माण लागत बदलने के बाद भी बीएसए दफ्तर के निर्माण को 13 साल बीत चुके हैं लेकिन, वह काम पूरा नहीं हो सका है। अभी तक बीएसए कार्यालय उधारी के भवन में चल रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग के स्थाई कार्यालय भवन निर्माण स्वीकृति वित्तीय वर्ष 2011-12 में मिली। इसके लिए 73.30 लाख रुपये की योजना को मंजूरी दे दी गई। यूपी स्टेट कांस्ट्रक्शन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड को निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई। 31 मार्च 2013 को पहली किस्त के रूप में 35 लाख रुपये, 31 मार्च 2017 को दूसरी किस्त के रूप में 38.80 लाख रुपये अवमुक्त किए गए। इससे मात्र भवन का ढांचा ही तैयार हो सका।
कार्यदायी संस्था ने महंगी सामग्री का हवाला देते हुए नये सिरे से इस्टीमेट तैयार करते हुए धन की मांग की। इसमें एक करोड़ 30 लाख 18 हजार रुपये करने, फिर बार एक करोड़ 67 लाख रुपये करने व चौथी बार एक करोड़ 77 लाख 42 हजार रुपये करने की मांग की गई। शासन ने पूर्व में अवमुक्त हो चुकी 73 लाख 80 हजार रुपये की कटौती कर जुलाई 2022 में एक करोड़ 17 लाख 80 की तीसरी किश्त(संपूर्ण धनराशि) अवमुक्त कर दी। धनराशि अवमुक्त होने के बाद कार्य को गति तो मिली लेकिन अब तक पूरा नहीं हो सका। जुलाई में निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान डीएम ने 15 दिन का समय भी कार्यदायी संस्था को देते हुए कार्य पूरा करने को कहा। लेकिन कार्य अब तक अधूरा है।
महज इतना बचा है काम
बीएसए कार्यालय में सिर्फ फिनिशिंग व पेंटिंग संबंधी कार्य अवशेष है। परिसर में मिट्टी भराई के लिए कार्यदायी संस्था की ओर से 11 लाख का प्रस्ताव तैयार किया गया है। उम्मीद है कि सितंबर माह तक अवशेष कार्य पूरा कर कार्यदायी संस्था हैंडओवर करेगा।
तकनीकी समिति से जांच करा भवन लिया जाएगा हैंडओवर
कार्यालय भवन निर्माण कार्य अंतिम दौर में है। कार्यदायी संस्था की ओर निर्माण कार्य पूरा करने की सूचना मिलने के बाद तकनीकी समिति से जांच कराई जाएगी। यह भी देखा जाएगा कि प्रस्तावित कार्य व अवमुक्त धनराशि के सापेक्ष कार्य हुआ है कि नहीं। अवमुक्त धनराशि के अनुसार कार्य पूरा होने के बाद भवन हैंडओवर लेकर कार्यालय का संचालन निजी भवन में किया जाएगा। संजय कुमार तिवारी-बीएसए
