amount in the account was frozen After cyber fraud yet victim did not get it Know the reason

साइबर अपराध (सांकेतिक तस्वीर)
– फोटो : फ्री-पिक

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आगरा के थाना सदर के पायल कारीगर से 11 लाख की साइबर ठगी होने का केस साइबर थाने में केस दर्ज नहीं किया गया। पुलिस ने जो रकम खाते में फ्रीज कराई थी, उसे कोर्ट का आदेश मिलने पर भी रिलीज नहीं कराया। वह भटकने के लिए मजबूर हैं।

मधु नगर, सदर निवासी देवेंद्र कुमार जैन का गिलट की पायल की पाॅलिश का कारोबार है। 20 जुलाई को उनके व्हाट्सएप नंबर पर एक मैसेज आया। यह अनन्या कौर के नाम से था। कहा कि उनकी कंपनी आनलाइन रिव्यू करती है। इसके लिए प्रति रिव्यू 50 रुपये मिलते हैं। उनके एक खाते में 150 रुपये जमा करने पर टेलीग्राम के ग्रुप से जोड़ लिया गया। उसमें 100 लोग जुड़े थे, हर दिन 150 टास्क मिलते थे। पहले खाते में रकम दी गई। बाद में टास्क बढ़ाकर रकम लेने भी लगे। धीरे-धीरे 11 लाख रुपये ले लिए गए।

रकम मांगी तो आरोपियों ने ग्रुप बंद कर लिया। साइबर थाने में एक अगस्त को तहरीर ले ली गई। बाद में बताया कि 2.64 लाख रुपये फ्रीज करा दिए हैं। मगर, केस नहीं लिखा गया। बाद में पुलिसकर्मियों ने कह दिया कि कोर्ट से आदेश लेकर यह रकम आपके खाते में स्थानांतरित हो जाएगी। उन्हें 2 सितंबर को आदेश मिल गया। इसके बावजूद रकम नहीं स्थानांतरित की जा रही है।

 



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