दुष्कर्म की झूठी शिकायत पर किसान को 24 घंटे से ज्यादा समय तक अवैध हिरासत में रखने पर एसपी ने रहरा थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया है। विभागीय जांच के भी आदेश दिए गए हैं। वहीं दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली महिला और उसके सहयोगी के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज की गई है।

रहरा थाना क्षेत्र के परोरा गांव निवासी किसान रामदास ने बृहस्पतिवार की दोपहर पुलिस कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी। जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि जितेंद्र नाम के एक शख्स ने एक महिला के जरिये उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी थी।

इस पर रहरा थाने की पुलिस ने उन्हें 20 मार्च को हिरासत में ले लिया और थाने में बैठा लिया। इस दौरान फैसले के नाम पर उसके परिवार से एक लाख रुपये नकद और 35 हजार रुपये यूपीआई के माध्यम से वसूले गए। शिकायत मिलने पर एसपी ने मामले की जांच हसनपुर सीओ पंकज त्यागी से कराई।

सामने आया कि महिला ने 19 मार्च को पिंटू त्यागी नाम के युवक पर दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी। इसके अगले दिन 20 मार्च को उसने उसी घटना में रामदास पर भी आरोप लगाया। जांच में पाया गया कि जितेंद्र ने प्राथमिकी का भय दिखाकर रामदास के परिवार से कुल 1.35 लाख रुपये वसूल लिए।

जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि रामदास को चौबीस घंटे से अधिक समय तक पुलिस हिरासत में अवैध रूप से रखा गया और समझौता कराने के बाद ही छोड़ा गया। इस पूरे प्रकरण में थानाध्यक्ष बृजेश कुमार की कार्यशैली संदिग्ध पाई गई।

इसी आधार पर एसपी ने तत्काल प्रभाव से उन्हें निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है। एसपी अमित आनंद ने बताया कि आरोपी महिला और जितेंद्र के खिलाफ थाना रहरा में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। जल्दी ही दोनों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।



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