
पुलिस (सांकेतिक तस्वीर)
– फोटो : Amar Ujala
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रजबपुर थाने के इंस्पेक्टर के नाम पर एक लाख रुपये वसूलने वाले तीन लोगों के खिलाफ रंगदारी का मुकदमा दर्ज किया गया है। यह रुपये हिरासत में ली गईं मां-बेटी को छुड़ाने के नाम पर वसूले गए थे। पुलिस मामले की जांच में जुड़ गई है।
रजबपुर थानाक्षेत्र के हैबतपुर में दिवंगत फजल अहमद खान का परिवार रहता है। उनका बेटा दिलशाद 13 मई 2024 की रात थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी युवती को लेकर भाग गया था। इस मामले में युवती के परिजनों की तरफ से रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
काफी तलाश करने के बाद भी युवती और आरोपी दिलशाद का पता नहीं चला। लिहाजा, पुलिस ने आरोपी दिलशाद की मां रुकैया बेगम और एक बहन को हिरासत में लेकर थाने में बैठा लिया। तभी, गांव के ही रहने वाले अब्दुल्ला और आजम उनके घर पहुंचे और मां-बेटी को छुड़ाने की बात कही।
बताया कि कोतवाल साहब से तैयब खान की बात हो गई है। इसलिए एक लाख रुपये कोतवाल के लिए और 1500 रुपये गाड़ी के तेल के लिए देने होंगे। तैयब खान और कोतवाल अतरासी पुल के नीचे इंतजार कर रहे हैं। कोतवाल को रुपये देने के बाद आपकी बहन और मां को छुड़ा लेना।
तभी दिलशाद की बहन नुसरत जहां ने झांसे में आकर 1.15 लाख रुपये आरोपियों को दे दिए। बाद में पता चला कि पुलिस को कोई रुपये नहीं दिए गए हैं। पुलिस ने दिलशाद की मां रुकैया बेगम का चालान कर जेल भेज दिया। नाबालिग होने के चलते उसकी बहन को छोड़ दिया।
बाद में नुसरत जहां ने आरोपियों से अपने रुपये मांगे तो धमकाने लगे। स्पष्ट कहा कि रुपये कोतवाल साहब को दे दिए हैं। सीओ सिटी अरुण कुमार ने बताया कि मामले में नुसरत जहां की तहरीर पर आरोपी अब्दुल्ला, आजम और तैयब खान के खिलाफ रंगदारी का मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
