धोखाधड़ी के मामले की जांच के दौरान आरोपी के बेटे को अवैध रूप से हिरासत में रखकर दुर्व्यवहार करने के गंभीर आरोप में एसपी लखन सिंह यादव ने कार्रवाई करते हुए भूड़ चौकी प्रभारी संजीव कुमार, कांस्टेबल मोमिन अली और हेड कांस्टेबल संदीप कुमार को निलंबित कर दिया। तीनों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
मामला अमरोहा नगर कोतवाली से जुड़ा है। मोहल्ला शिवद्वारा निवासी फिरोज अहमद मोहल्ला मोहम्मदी सराय मछली गली निवासी राशिद उर्फ राजा, उसके पिता शाहिद, शकील और नाज आलम के खिलाफ धोखाधड़ी व अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
तीनों आरोपियों पर खुद को ट्रैवल एजेंसी संचालक बताकर फिरोज को कुवैत में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। आरोपियों ने कुवैत की एक कंपनी में हेल्पर की नौकरी, अच्छे वेतन और रहने-खाने की सुविधा का लालच देकर फिरोज से दो लाख रुपये हड़प लिए थे।
पीड़ित फिरोज अहमद ने जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस) और एसपी कार्यालय में कई बार शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मामले में 27 मार्च को न्यायालय के निर्देश पर नगर कोतवाली पुलिस ने राशिद उर्फ राजा, शाहिद, शकील और नाज आलम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
मामले की विवेचना भूड़ चौकी प्रभारी संजीव कुमार को सौंपी गई। आरोप है कि 10 अप्रैल को उपनिरीक्षक संजीव कुमार ने कांस्टेबल मोबीन अली और हेड कांस्टेबल संदीप कुमार के साथ मिलकर आरोपी राशिद उर्फ राजा के बेटे को बिना किसी वैधानिक आधार के चौकी पर लाकर अवैध रूप से हिरासत में रखा।
इतना ही नहीं युवक के साथ दुर्व्यवहार भी किया गया और उसे रात भर चौकी में बैठाए रखा गया। चर्चा है कि दरोगा ने आरोपी से फोन पर बात कर अभद्र भाषा का प्रयोग भी किया। मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों तक पहुंचने पर एसपी लखन सिंह यादव ने तत्काल जांच के आदेश दिए।
सीओ सिटी अभिषेक यादव द्वारा की गई जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए जिसके आधार पर तीनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई। एसपी ने बताया कि 10 अप्रैल को नामजद आरोपी के बेटे को अनाधिकृत रूप से चौकी लाकर दुर्व्यवहार किया गया।
प्रथमदृष्टया घोर लापरवाही एवं अनुशासनहीनता के मामले में चौकी प्रभारी संजीव कुमार, कांस्टेबल मोमिन अली व हेड कांस्टेबल संदीप कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। विभागीय जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
