
एएमयू
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आतंकी संगठन आईएस की विचारधारा से प्रेरित अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के दो छात्रों अब्दुल समद मलिक और फैजान बख्तियार की गिरफ्तारी पर यूपी एटीएस ने 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। आईएस के पुणे माड्यूल के सदस्यों के इस नेटवर्क का एटीएस ने बीते दिनों खुलासा करते हुए सात संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया था, जबकि समद और फैजान फरार चल रहे हैं।
यह दोनों एएमयू के वीएम हॉल निवासी है। एडीजी एटीएस मोहित अग्रवाल ने बताया कि बीती तीन नवंबर को एटीएस ने आईएस के पुणे माड्यूल के सदस्य अब्दुल्ला अर्सलान और माज बिन तारिक को गिरफ्तार किया था। आईएस के इस माड्यूल का खुलासा होने पर एटीएस के रडार पर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के कई छात्र भी आ गए थे। एटीएस ने मुकदमे में झारखंड निवासी शाहनवाज, दिल्ली निवासी रिजवान, अलीगढ़ निवासी वजीहुद्दीन, अब्दुल्ला अर्सलान, माज बिन तारिक, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्र अब्दुल समद मलिक, फैजान बख्तियार, दिल्ली के बाटला हाउस निवासी अरशद वारसी, संभल के चंदौसी निवासी मोहम्मद नावेद सिद्दीकी और प्रयागराज के रिजवान अशरफ को भी नामजद किया था। ये सभी सोशल मीडिया पर आईएस की विचारधारा का प्रचार-प्रसार कर जिहादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए युवाओं को अपने साथ जोड़ रहे थे। साथ ही आईएस के कुख्यात आंतकी अबु बकर अल बगदादी के वीडियो देखकर मुजाहिद बनने, भारत में जिहाद कर शरिया कानून लागू करने तथा खिलाफत कायम करने की साजिश रच रहे थे।
कई जिलों में सक्रिय सदस्य
इस माड्यूल के सदस्य अलीगढ़ के अलावा संभल, प्रयागराज, लखनऊ, रामपुर, कौशांबी आदि जिलों में सक्रिय थे, जो किसी बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने के लिए असलहे और गोला-बारूद एकत्र कर रहे थे। इस माड्यूल के मास्टरमाइंड प्रोफेसर वजीहुद्दीन को भी एटीएस ने गिरफ्तार किया था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने शाहनवाज और रिजवान को दबोचा था। ये सभी एएमयू के बाकी छात्रों को भी आईएस से जुडऩे के लिए प्रेरित कर रहे थे। साथ ही, आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए पाकिस्तानी में बैठे हैंडलर से निर्देश लेते थे।
मुकदमे में वांछितों की तलाश में लगातार खाक छान रही टीम
इस मुकदमे में वांछित संदिग्ध आतंकियों की तलाश में एटीएस लगातार खाक छान रही है। पिछले कई दिन से टीम ने शहर में डेरा डाल रखा था। पकड़े गए संदिग्ध आतंकियों को रिमांड पर लेकर भी टीम आई, लेकिन कोई खास सुराग नहीं मिला। फरार संदिग्धों के अलीगढ़ में ठहरने की सूचना पर ङी टीमों ने दबिश दी। सर्विलांस के जरिये भी काफी कुछ जानने का प्रयास किया। मगर कोई सफलता हाथ नहीं लगी, तब जाकर इनाम घोषित किया है। इनाम घोषित करने पर उनकी गिरफ्तारी का शोर मचा रहा। मगर इसकी देर रात तक पुष्टि नहीं हुई।
