
एएमयू
– फोटो : Amar Ujala
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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के नोटिस को गैर शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने जला दिया। नोटिस देकर कर्मचारियों की अनुपस्थिति के बारे में जानकारी मांगी गई थी। कर्मचारियों ने इंतजामिया के खिलाफ नारेबाजी की। विभिन्न मांगों को लेकर कुलपति कार्यालय के सामने 18वें दिन भी कर्मचारियों का धरना जारी रहा।
अपनी मांगों को लेकर कुलपति कार्यालय के सामने कर्मचारी धरना दे रहे हैं। 9 नवंबर 2023 को कर्मचारियों ने व्यापक पैमाने पर आंदोलन किया था और कुलपति कार्यालय के गेट को कई घंटे तक बंद रखा था। कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से सभी विभागों में दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। साथ ही चाय-पानी पिलाने में दिक्कतें भी हुईं। इसके बाद संयुक्त कुलसचिव मोहम्मद आरिफुद्दीन अहमद ने 9 नवंबर को कर्मचारियों की अनुपस्थिति के बारे में अवगत कराने के लिए सभी विभागों, सभी हॉलों सहित अन्य जिम्मेदारों को पत्र जारी किया था।
इसके विरोध में कुलपति कार्यालय के सामने नोटिस को जला दिया। कर्मचारियों ने इंतजामिया के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों के उग्र रवैये को देखते हुए प्रॉक्टर प्रो. मोहम्मद वसीम अली धरना स्थल पर पहुंचे और कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल से परीक्षा नियंत्रक और वित्त अधिकारी के समक्ष बातचीत करके कोई हल निकालने की बात कही।
बिना नतीजे की बैठक खत्म
14 नवंबर देर शाम एएमयू इंतजामिया और प्रतिनिधिमंडल की बैठक हुई, जो बिना किसी नतीजे की बैठक खत्म हो गई। कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल में शामिल सैयद जकी अहमद, फैसल रईस, मोहम्मद अमजद, आबिद अली जैदी, रेहान अहमद, एसएम हामिद शोएब, आफाक अहमद खान, सलमान खलील, शाजिया अफरोज शामिल रहे। कर्मचारियों ने कहा कि भत्ते को लेकर बात नहीं होनी चाहिए, लेकिन उस पर इंतजामिया तैयार नहीं हुई। गलती इंतजामिया ने की है, तो वही भुगतेगी भी। कर्मचारियों के मामले में जो उच्च स्तरीय समिति ने रिपोर्ट दी थी, उसे कार्यकारी परिषद की बैठक में नहीं लाया गया। प्रॉक्टर प्रो. मोहम्मद वसीम अली ने कहा कि बिना किसी नतीजे की बैठक खत्म हो गई है। जल्द ही फिर बैठक बुलाई जाएगी।
