
एएमयू
– फोटो : Amar Ujala
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पुणे माड्यूल्स के गिरफ्तार सरगना शाहनवाज ने आतंकी संगठन आईएस से पढ़े लिखे नौजवानों को जोड़ने नेटवर्क अलीगढ़ में ही रहकर खड़ा किया था। उसी क्रम में लगातार ये गिरफ्तारियां हो रही हैं। आगे भी गिरफ्तारी होने के संकेत हैं। अब रडार पर कौन होगा? इस सवाल का जवाब तो एटीएस के पास है। मगर सबसे खास बात है कि एएमयू पूरे मामले में अभी तक मौन है। न तो पकड़े जा रहे छात्रों पर कोई एक्शन हो रहा और न एएमयू में सक्रिय छात्रों के इस संगठन पर कोई कदम उठाया जा रहा है।
अब तक ये हुईं एएमयू से जुड़ी गिरफ्तारी
इसकी शुरुआत झारखंड के लोहरदगा के रहने वाले एएमयू के स्नातक छात्र की गिरफ्तारी से हुई। इसके बाद उसका साथी महाराजगंज से दबोचा गया। फिर पुणे माड्यूल्स के शाहनवाज आदि पकड़े गए। उनसे पूछताछ के बाद एटीएस ने तीन नवंबर को मुकदमा दर्ज किया। जिसके बाद पिछले दिनों अब्दुल्ला अर्सलान, माज बिन तारिक व वजीउउ्दीन को दबोचा। ये तीनों एएमयू के छात्र हैं। इन पर दर्ज मुकदमे में अभी वीएम हॉल में रहने वाले अब्दुल समद, फैजान अख्तियार, बटला हाउस दिल्ली के अरशद वारसी व प्रयागराज के रिजवान अशरफ व कुछ अज्ञातों का नाम शामिल है। जिनकी तलाश में एटीएस लगातार भागदौड़ कर रही है। इन सब के विषय में उजागर हुआ है कि शाहनवाज ने ही इन्हें एएमयू में सक्रिय रहकर आईएस से जुड़वाया है।
पत्नी संग शहर में रहकर बच्चों को पढ़ाता राकिब
अब एटीएस द्वारा जिन चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। वैसे तो ये चारों अलीगढ़ से जुड़े रहे हैं। वर्तमान में तीन को संभल से और एक राकिब को अलीगढ़ से पकड़ा गया है। मगर इनका अलीगढ़ से नाता बरकरार है। एएमयू के ही छात्र संगठन के जरिये सभी आपस में और आईएस के संपर्क में आए हैं। वर्तमान में राकिब अपनी पत्नी के साथ यहां किराये पर रहकर किसी निजी कॉलेज में बच्चों को पढ़ाने का काम करता है।
