
एएमयू
– फोटो : Amar Ujala
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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के कोर्ट सदस्यों की बैठक में कुलपति पैनल में प्रो. एमयू रब्बानी, प्रो. फैजान मुस्तफा व प्रो. नईमा खातून के नाम तय हो जाने के बाद अब दिल्ली पर निगाहें लग गई हैं। 7 नवंबर की सुबह चयनित नामों और बैठक की कार्यवाही को राष्ट्रपति के पास भेज दिया गया। यूनिवर्सिटी की विजिटर होने के नाते राष्ट्रपति इन तीन नामों में से एक पर मुहर लगाएंगी।
जल्द ही एएमयू को नया कुलपति मिल जाएगा। कोर्ट बैठक के बाद यूनिवर्सिटी परिसर में सियासी तपिश भी बढ़ गई है। कुलपति पैनल में शामिल तीनों उम्मीदवारों के समर्थक गुणा-भाग कर रहे हैं। यूनिवर्सिटी के हित के लिए कौन बेहतर कुलपति साबित होगा, इस पर चर्चा हो रही है। जानकारी के मुताबिक, नए कुलपति के बारे में पीएमओ, शिक्षा मंत्रालय से लेकर आरएसएस से जुड़े अहम लोगों से भी कई चरणों में बातचीत हो रही है। वहीं, स्थानीय आरएसएस कार्यकर्ता भी नए कुलपति को लेकर अपने स्तर से जानकारी एकत्र कर रहे हैं।
नए कुलपति के सामने होंगी कई चुनौतियां
नए कुलपति के सामने कई चुनौतियां भी होंगी। 1500 से ज्यादा अस्थायी कर्मचारियों के स्थायी का मुद्दा होगा। दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का सेवा विस्तार, छात्रसंघ चुनाव, स्कूलों में स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति, यूनिवर्सिटी में शिक्षा स्तर को और बेहतर करना जैसी चुनौतियां नए कुलपति के सामने होंगी।
