मंडलायुक्त का रुख संवेदनशील, पशु पालकों पर कार्रवाई के भी दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। हाईवे पर अन्ना पशु विचरण न करें, इसके लिए अब 24 घंटे निगरानी होगी। इसके लिए जालौन का मॉडल अपनाते हुए वालंटियरों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। मंगलवार को कमिश्नरी में हुई बैठक में मंडलायुक्त ने इस संबंध में निर्देश दिए। उन्होंने पशुओं को छुट्टा छोड़ने वाले पशु पालकों के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए।
हाईवे पर विचरण करने वाले अन्ना पशुओं की वजह से आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। इस समस्या को अमर उजाला के 22 अगस्त के अंक में प्रकाशित खबर ‘हाईवे पर अन्ना जानवर बन रहे मौत की वजह’ के जरिये उठाया गया था। इसे मंडलायुक्त बिमल कुमार दुबे ने गंभीरता से लिया है। मंगलवार को हुई मंडलीय बैठक में उन्होंने हाईवे पर अन्ना पशुओं से निपटने के लिए जालौन का मॉडल अपनाने के निर्देश दिए। इसके तहत नेहरु युवा केंद्र स्वयंसेवक, मंगल दलों के कार्यकर्ता, पीआरडी कर्मचारी, सफाई कर्मचारी आदि दिन और रात अलग-अलग शिफ्टों में हाईवे पर जमा होने वाले अन्ना पशुओं को हटाएंगे। कमिश्नरी ने एनएचएआई को स्वयंसेवकों को सीएसआर फंड से मानदेय उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा कमिश्नर ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित ग्रामों की सूची उपलब्ध कराएं। अन्ना पशुओं को कैटल कैचर्स वाहन के जरिये कांजी हाउस व गोशालाओं में संरक्षित करें। साथ ही कहा कि पकड़े गये गोवंश पर निशान लगाएं। ताकि, दूसरी बार उन्हीं जानवरों के हाईवे पर विचरण करने पर नोटिस देते हुए संबंधित पशुपालकों के विरुद्ध पशु क्रूरता अधिनियम की सुंसगत धाराओं के तहत कार्रवाई अमल में लाएं। उन्होंने जनपद जालौन में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए झांसी और ललितपुर में भी अन्ना पशुओं के विचरण पर कार्रवाई कराने के निर्देश दिए।
इस मौके पर डीआईजी कलानिधि नैथानी, डीएम झांसी अविनाश कुमार, डीएम जालौन राजेश कुमार पांडेय, डीएम ललितपुर अक्षय त्रिपाठी, एसएसपी झांसी राजेश एस, एसएसपी जालौन डाॅ. दुर्गेश कुमार, एसपी ललितपुर मो. मुश्ताक आदि मौजूद रहे।
अवैध शराब की बिक्री पर हो कार्रवाई
बैठक में आबकारी विभाग की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने कहा कि अवैध शराब की बिक्री पर प्रभावी कार्रवाई की जाए। शराब की सभी दुकानों पर व्यवस्थापन संबंधी दस्तावेजों का नियमित रूप से परीक्षण किया जाए। इसके अलावा गुंडा एक्ट, भू-माफिया, संपत्ति जब्तीकरण और विद्युत चोरी के प्रकरणों में अधिक से अधिक प्रभावी कार्रवाई की जाएं। स्थानीय स्तर पर शासन के निर्देशानुसार कानून व्यवस्था के शत-प्रतिशत नियमों के अनुपालन के लिए संबंधित क्षेत्राधिकारी अपने क्षेत्र में स्थापित थानों का नियमित रूप से निरीक्षण कर थानों में स्थापित मालखानों में निष्प्रयोग्य सामग्री की उपलब्धता संबंधी विवरण आख्या उपलब्ध कराएं।
